पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटलाइट टाउनशिप के खिलाफ आंदोलन तेज करने का निर्णय
पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटलाइट टाउनशिप के खिलाफ आंदोलन तेज करने का निर्णय
महिला किसानों ने संभाला मोर्चा, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी
पटना के पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटलाइट टाउनशिप के विरोध में किसान मजदूर संघर्ष समिति ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। रविवार को आयोजित सभा में योजना से प्रभावित किसानों और मजदूरों के हितों को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने के साथ संगठन को पंचायत, प्रखंड, जिला, वार्ड और ग्राम स्तर तक मजबूत करने की रणनीति तैयार की गयी।
सभा में महिला किसानों की भागीदारी विशेष रूप से रही। बड़ी संख्या में महिला किसान पहुंचीं और भूमि अधिग्रहण तथा सैटलाइट टाउनशिप योजना को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करायीं। महिलाओं ने कहा कि उनकी जमीन और खेती से जुड़े किसी भी फैसले में उनके अधिकारों और हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। सभा में महिला किसानों के अलावा बड़ी संख्या में पुरुष किसान और मजदूर भी शामिल हुए।
समिति ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013, बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम 2012, वर्ष 2022 के संशोधन और बिहार नगर विकास अधिनियम 2026 के प्रावधानों का कानूनी अध्ययन कराने का निर्णय लिया। विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद जरूरत के अनुसार पटना हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिका अथवा जनहित याचिका दायर करने की बात कही गयी।
समिति के अनुसार पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटलाइट टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण और भूमि मालिकों की सहमति से जुड़े प्रावधानों की भी कानूनी समीक्षा की जाएगी। बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम की धारा 47 और 48 में वर्ष 2022 में किए गए संशोधनों को भी न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी की जा रही है। साथ ही बिहार नगर विकास अधिनियम 2026 के प्रावधानों की समीक्षा के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
संगठन विस्तार पर भी जोर
सभा में संगठन की अस्थायी राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया। फिलहाल कार्यकारिणी को आंदोलन के संचालन और संगठन के विस्तार की जिम्मेदारी दी गयी है। संगठन में तीन स्तरों पर सदस्य बनाने का निर्णय लिया गया, जिसमें कार्यकर्ता, सक्रिय सदस्य और साधारण सदस्य शामिल होंगे। इनके लिए अलग-अलग सदस्यता और मासिक शुल्क निर्धारित किए जाने की बात कही गयी।
समिति की ओर से बताया गया कि नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से योजना पर आपत्ति और सुझाव देने की निर्धारित समय सीमा 30 सितंबर 2026 तक है। समिति के अनुसार इस अवधि में अलग-अलग किसान योजना और संबंधित प्रावधानों के खिलाफ अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। समिति ने कहा कि 30 सितंबर के बाद भी किसानों और मजदूरों की ओर से आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।
धनीबाग में अनिश्चितकालीन धरने की तैयारी
आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए समिति ने अन्य संगठनों से संपर्क करने का भी निर्णय लिया है। नेताओं के अनुसार पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटलाइट टाउनशिप के विरोध में धनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अलग-अलग पंचायतों और गांवों से किसानों तथा मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई जा रही है।
सभा में गठित अस्थायी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में धनंजय मधु को राष्ट्रीय अध्यक्ष, रामबाबू पासवान, राजकुमार राय और धीरज चौहान को उपाध्यक्ष, राहुल कुमार सिंह को संगठन महासचिव, ज्वाला सिंह को कोषाध्यक्ष तथा अर्जुन पासवान को महासचिव बनाया गया।



