गोनपुरा हाईस्कूल में मॉडल स्कूल के दर्जे पर बवाल, पूर्व मंत्री श्याम रजक पर थप्पड़ मारने का आरोप
छात्र-छात्राओं के सवाल पर हुआ विवाद, कथित थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल; पुलिस के जरिए जेल भेजने की धमकी देने का भी आरोप
फुलवारी शरीफ। गोनपुरा प्लस टू हाईस्कूल में गुरुवार की सुबह विद्यालय प्रबंधन समिति के चुनाव के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब मॉडल स्कूल का दर्जा दिए जाने को लेकर छात्र-छात्राओं ने पूर्व मंत्री श्याम रजक से सवाल पूछे। सवाल-जवाब के दौरान कहासुनी बढ़ गई। इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में छात्र-युवा व ग्रामीण जुट गए।
घटना के बाद कथित तौर पर एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर पूर्व मंत्री श्याम रजक पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया जा रहा है। वहीं, पुलिसकर्मी से लोगों को जेल भेजने की बात कहे जाने का भी दावा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और घटना के सभी पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
मॉडल स्कूल का दर्जा दूसरे विद्यालय को मिलने पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह पूर्व मंत्री श्याम रजक गोनपुरा हाईस्कूल में विद्यालय प्रबंधन समिति का चुनाव कराने पहुंचे थे। चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही छात्र-छात्राओं ने उनसे विद्यालय को मॉडल स्कूल का दर्जा दिए जाने के मुद्दे पर सवाल पूछने शुरू कर दिए।
छात्र-छात्राओं का सवाल था कि गोनपुरा प्लस टू हाईस्कूल को मॉडल स्कूल का दर्जा दिए जाने की बात थी, लेकिन बाद में फुलवारी शरीफ हाईस्कूल को यह दर्जा मिलने के बाद गोनपुरा विद्यालय इससे वंचित क्यों रह गया? इसी मुद्दे पर बातचीत के दौरान विवाद होने की बात सामने आई है।

भाकपा माले ने लगाया मारपीट और धमकी का आरोप
भाकपा माले के प्रखंड सचिव गुरुदेव दास ने आरोप लगाया कि शिक्षा और मॉडल स्कूल के दर्जे को लेकर सवाल पूछने पर पूर्व मंत्री श्याम रजक भड़क गए। उन्होंने दावा किया कि विवाद के दौरान एक व्यक्ति को थप्पड़ मारा गया और इसके बाद पुलिसकर्मी के माध्यम से लोगों को जेल भेजने की धमकी दी गई।
गुरुदेव दास ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि शिक्षा से जुड़े सवाल पूछना छात्र-छात्राओं का अधिकार है। उनके मुताबिक, विद्यालय के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र-युवाओं की आवाज दबाने के लिए डराने-धमकाने का प्रयास किया गया।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
भाकपा माले ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि गोनपुरा हाईस्कूल को मॉडल स्कूल का दर्जा दिए जाने से जुड़े सवालों का समाधान किया जाना चाहिए।
गुरुदेव दास ने कहा कि विद्यालय के हित और शिक्षा के अधिकार को लेकर छात्र-युवाओं को संगठित किया जाएगा। उन्होंने घटना के विरोध में बड़े आंदोलन की तैयारी करने की भी बात कही।
फिलहाल, इस घटना में लगाए गए आरोपों, वायरल वीडियो और विवाद की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने और जांच के निष्कर्ष से घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


