त्योहारों में मिलावटखोरी के खतरों से आगाह करता नाटक ‘मिलावटखोरी जानलेवा’ का मंचन
त्योहारों में मिलावटखोरी के खतरों से आगाह करता नाटक ‘मिलावटखोरी जानलेवा’ का मंचन
वाल्मी में कलाकारों ने नाटक के जरिए दिया जागरूकता का संदेश, मिलावटी मिठाई, दूध, पनीर और खोवा से सावधान रहने की अपील
फुलवारी शरीफ, अजीत। दीपावली समेत अन्य त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी के बढ़ते खतरे और उससे होने वाली गंभीर बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सर्वमंगला सांस्कृतिक मंच की ओर से ‘मिलावटखोरी जानलेवा’ नाटक का मंचन किया गया। वाल्मी, फुलवारी शरीफ में आयोजित इस नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से कलाकारों ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
महेश चौधरी द्वारा लिखित और मिथिलेश कुमार पांडे के निर्देशन में प्रस्तुत नाटक की शुरुआत सौरभ राज के स्वरबद्ध गीत ‘त्योहारों में दुकान सजेगा, संभलकर खरीदना भाई, जानलेवा जहर भी बिकेगा’ से हुई। गीत के माध्यम से लोगों को त्योहारों में खाद्य सामग्री खरीदते समय सतर्क रहने का संदेश दिया गया।
नाटक में दिखाया गया कि त्योहारों के दौरान मिठाई, दूध, पनीर और खोवा की खरीदारी करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खाद्य पदार्थों में सिंथेटिक सामग्री, हानिकारक रंगों और मिलावटी तत्वों के इस्तेमाल के साथ बैक्टीरिया एवं फंगस का संक्रमण फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। कई बार इसके गंभीर परिणाम भी सामने आ सकते हैं।

नाटक में महेश चौधरी, मिथिलेश कुमार पांडे, सौरभ राज, अमन कुमार, राहुल कुमार, अंजनी कुमार वर्मा, देव दर्शन, सक्षम शौर्य, शशांक और अद्विक ने अपने अभिनय से दर्शकों को जागरूकता का संदेश दिया।
इस मौके पर संस्था के सचिव महेश चौधरी ने कहा कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों और जनस्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लोगों को जागरूक करना ही मंच का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि त्योहारों की खुशियों के बीच लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सतर्क रहना चाहिए।



