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छात्रों से मार्कशीट के बदले मांगी रिश्वत, 50 हजार रुपये लेते ही प्रधानाध्यापक विजिलेंस के हत्थे चढ़े

फुलवारी शरीफ, अजीत: भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने मंगलवार को पटना में बड़ी कार्रवाई करते हुए सम्पतचक प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, चैनपुर के प्रधानाध्यापक कुणाल प्रियदर्शी को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी उनके कार्यालय कक्ष में विशेष ट्रैप टीम ने की. कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया.

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार गौरीचक थाना क्षेत्र के गवसपुर निवासी अरुण कुमार सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रधानाध्यापक वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 में सफल 152 विद्यार्थियों की मार्कशीट और विद्यालय परित्याग प्रमाण-पत्र (सीएलसी) जारी करने के एवज में प्रति छात्र 400 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे हैं. इस तरह कुल 60,800 रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी.

शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने पूरे मामले का सत्यापन कराया. जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद निगरानी थाना कांड संख्या-076/26 दर्ज किया गया और पुलिस उपाधीक्षक विन्ध्याचल प्रसाद के नेतृत्व में विशेष ट्रैप टीम गठित की गई.

पूर्व निर्धारित योजना के तहत मंगलवार को शिकायतकर्ता के माध्यम से प्रधानाध्यापक को 50 हजार रुपये की रिश्वत दी गई. जैसे ही उन्होंने राशि स्वीकार की, पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया. कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली गई.

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गिरफ्तारी के बाद प्रधानाध्यापक से निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है. पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना में प्रस्तुत किया जाएगा.

निगरानी ब्यूरो की इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. वहीं छात्रों और अभिभावकों से अवैध वसूली के आरोप में प्रधानाध्यापक की गिरफ्तारी के बाद शिक्षा विभाग में भी चर्चा का माहौल है.

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