नाती के हत्या मामले में नाना को आजीवन कारावास
दानापुर व्यवहार न्यायालय के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश टू के. अंजलि ने मासूम नाती की हत्या के मामले में आरोपी नाना दुखित यादव को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास व 50 हजार रूपए जुर्माना की सजा सुनाया है. सोमवार को सजा सुनाई गई है. प्रभारी अपर लोक अभियोजक रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि दुल्हिन बाजार थाना कांड संख्या 90/22 और सेशन ट्रायल संख्या 839/23 में भोजपुर जिले नारायणपुर के केशोपुर निवासी आयुष कुमार की हत्या का आरोप उनके नाना दुखित पर था. उन्होंने बताया कि मृतक की मां रीना कुमारी ने दुल्हिन बाजार थाना में मृतक के नाना दुखित यादव अगवा कर हत्या कर शव कुआं में फेकने का मामला दर्ज कराया था. दर्ज प्राथमिकी में बताया था कि मृतक आयुष की मां रीना कुमारी अपनी सहेली की शादी में शामिल होने के लिए 22 अप्रैल 2022 को दुल्हिन बाजार के सरकुना गांव आई थी. उन्होंने बताया कि उसी रात करीब साढे बारह बजे 9 वर्षीय आयुष कुमार को अपने पिता दुखित यादव को गोद में खेलने के लिए दिए थे. रीना कुमारी ने करीब एक बजे रात्रि में अपने पुत्र आयुष को खोजने लगी और अपने पिता दुखित यादव से पूछी तो संतोषजनक जवाब नही दिया और 23 अप्रैल की अहले सुबह कोर्ट में तारीख होने के बहाना बनाकर चले गये. उन्होंने बताया कि तीन दिन बाद 25 अप्रैल को गांव के कुआं से आयुष का शव बरामद किया गया था. पूर्व में आरोपी पर हत्या करने का आरोप है और उनके पुत्र राकेश पर गोली चलाने का आरोप है. .एपीपी ने बताया कि सोमवार को एडीजे 2 के. अंजलि ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने व उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी नाना दुखित यादव को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास व 50 हजार जुर्माने की सजा सुनायी है. जुर्माना राशि नही देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई है.



