चोरी के ट्रक काटकर कबाड़ में खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश
पश्चिमी पटना में चोरी के ट्रकों को काटकर उनके महंगे पुर्जे कबाड़ में बेचने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। रानीतालाब में हुई कार्रवाई के बाद गिरोह की कड़ी फुलवारी शरीफ तक पहुंची। पुलिस ने दो दिनों में कुल 7 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, 21 सितंबर को रानीतालाब थाना क्षेत्र के निसरपुरा पेट्रोल पंप के पास एक गैराज में चोरी के ट्रक काटे जाने की सूचना मिली थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया। गैराज में ट्रक को काटकर उसके अलग-अलग पुर्जे किए जा रहे थे।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि झारखंड से चोरी के ट्रक लाकर गैराज में काटे जाते थे। इसके बाद इंजन, टायर, गियर बॉक्स, बॉडी और अन्य महंगे पार्ट्स को अलग-अलग जगहों पर बेच दिया जाता था।
जांच के दौरान पुलिस को फुलवारी शरीफ में भी चोरी का ट्रक खपाए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद 22 सितंबर को नकटि भवानी वस्तु बिहार अपार्टमेंट के पास स्थित कबाड़खाने में छापेमारी की गई। यहां से दो आरोपितों को 12 चक्का ट्रक के साथ गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान टाटा मोटर्स का 14 चक्का ट्रक और उसके कटे पार्ट्स, 12 चक्का ट्रक, ट्रेलर, बिल्डिंग मशीन, दो ग्रेंडर, गैस कटर, दो गैस सिलेंडर और मोटरसाइकिल समेत कई सामान बरामद किए हैं।
रानीतालाब से गिरफ्तार आरोपितों में मोहम्मद सागीर, चंदन कुमार उर्फ चंदू, मोहम्मद सलाउद्दीन, मोहम्मद राजा और उस्मान गनी शामिल हैं। वहीं फुलवारी शरीफ से दिलीप कुमार और मोहम्मद रिजवान को गिरफ्तार किया गया है।
अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि चोरी के ट्रक कहां से लाए जाते थे, कौन उपलब्ध कराता था और कटे हुए पुर्जों को किन-किन इलाकों में बेचा जाता था। वाहन चोरी और लूट की पुरानी घटनाओं से भी गिरफ्तार आरोपितों के संभावित कनेक्शन की जांच की जा रही है।
यानी चोरी का ट्रक गायब करने से लेकर उसके पुर्जे-पुर्जे बेचने तक पूरा नेटवर्क सक्रिय था, जिसकी परतें अब पुलिस की कार्रवाई में खुल रही हैं।



