पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड टाउनशिप के खिलाफ न्यायालय जाने का निर्णय
किसान मजदूर संघर्ष समिति की बैठक में दो स्तरों पर याचिका दायर करने पर बनी सहमति, प्रभावित किसानों ने जमीन नहीं देने का लिया संकल्प
फुलवारी शरीफ, अजीत। पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप योजना के विरोध में किसान मजदूर संघर्ष समिति ने अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। रविवार को बेलदारीचक स्थित शुभ आंगन मैरेज हॉल में समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में योजना के खिलाफ दो स्तरों पर न्यायालय में याचिका दायर करने की घोषणा की गई। समिति का कहना है कि इस कानूनी लड़ाई के जरिए प्रभावित किसानों और सरकारी जमीन पर वर्षों से बसे परिवारों के हितों की रक्षा की जाएगी।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष धनंजय मधु ने कहा कि पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड टाउनशिप योजना वापस नहीं ली गई है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में जमीन की रजिस्ट्री पर लगी रोक हटाई गई है। उन्होंने कहा कि समिति की ओर से जनहित याचिका दायर करने के लिए आवश्यक कागजात तैयार कर लिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के प्रावधानों के खिलाफ लाई गई टाउनशिप योजना को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने का भी निर्णय लिया गया है। समिति इस मामले को दो स्तरों पर न्यायालय में उठाएगी, ताकि प्रभावित किसानों और वर्षों से सरकारी जमीन पर रह रहे परिवारों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को सामने रखा जा सके।
बैठक में शामिल प्रभावित किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी भी कीमत पर टाउनशिप योजना के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे। समिति ने भी किसानों के हितों को लेकर आंदोलन के साथ कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही।
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष धनंजय मधु, संगठन महासचिव राहुल कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष ज्वाला सिंह, प्रदेश अध्यक्ष चंद्रभूषण ठाकुर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम बाबू पासवान, सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप यादव, विजय मेहता, पुनपुन प्रखंड अध्यक्ष रजनीश पासवान, मीडिया प्रभारी नीरज कुमार, सुबोध कुमार यादव, देवेंद्र यादव, जिला अध्यक्ष रेखा देवी, शोभा देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



