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दूध उत्पादन बढ़ाने को नई पहल कृत्रिम गर्भाधान पर प्रशिक्षण.

फुलवारी शरीफ, अजीत:डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पटना डेयरी प्रोजेक्ट परिसर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम सात निश्चय-3 के तहत वैशाल पाटलिपुत्र दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें दुग्ध उत्पादक समितियों के गठन और कृत्रिम गर्भाधान के जरिए नस्ल सुधार पर विशेष जोर दिया गया.
कार्यशाला में संघ के अंतर्गत करीब 300 कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और आधुनिक तकनीकों की जानकारी हासिल की. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को बेहतर नस्ल के पशु उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन में वृद्धि लाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना रहा.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा डेयरी व्यवसाय को प्राथमिकता देना किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है. उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से कृत्रिम गर्भाधान अपनाने पर पशुओं की नस्ल में सुधार होगा, जिससे दूध उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आमदनी में सीधा इजाफा होगा.
वहीं, प्रबंध निदेशक रूपेश राज ने सात निश्चय योजना के तीसरे चरण “कृषि में प्रगति, प्रदेश में समृद्धि” के तहत चल रही योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कार्यकर्ताओं को समिति गठन, डिजिटल माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से समझाया.
कार्यक्रम में प्रबंधक (संग्रहण) डॉ. अजय कुमार राय और अवधेश चौधरी ने दुग्ध समितियों के गठन की प्रक्रिया और उसके लाभ पर प्रकाश डाला. साथ ही, डॉ. संजय कुमार और डॉ. मो. अबुजर ने कृत्रिम गर्भाधान की तकनीकी जानकारी देते हुए डिजिटल एआई गन के उपयोग का लाइव डेमो प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित कार्यकर्ताओं को नई तकनीक की व्यवहारिक जानकारी मिली.
कार्यशाला के माध्यम से डेयरी क्षेत्र में तकनीकी जागरूकता बढ़ाने और संगठित रूप से दुग्ध उत्पादन को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है.

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