मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 71 करोड़ की योजनाओं का किया उद्घाटन-शिलान्यास
धार्मिक स्थलों के लिए कॉरिडोर और हर प्रखंड में मॉडल स्कूल बनाने का किया ऐलान.
नदियामा मध्य विद्यालय को प्लस टू विद्यालय का दर्जा
नत्थू पुर बायपास को एम्स गोलंबर से जोड़ने का काम होगा जल्द शुरू
फुलवारी शरीफ, अजीत: पटना के फुलवारी शरीफ प्रखंड अंतर्गत नदियामा गांव में मंगलवार को आयोजित प्रखंड स्तरीय “सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर” ऐतिहासिक जनसमूह का साक्षी बना. हजारों की संख्या में पहुंचे महिला, पुरुष, युवा और बुजुर्गों की मौजूदगी के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने करीब 71 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने बिहार के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को कॉरिडोर के माध्यम से जोड़कर विकसित करने, प्रत्येक प्रखंड में आधुनिक मॉडल स्कूल स्थापित करने, महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने तथा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव, स्थानीय विधायक श्याम रजक तथा अन्य जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहे. मुख्यमंत्री के आगमन पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ. इस अवसर पर विधायक श्याम रजक ने मुख्यमंत्री को माता सावित्रीबाई फुले की तस्वीर एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया.
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर का उद्देश्य सरकार और जनता के बीच की दूरी को समाप्त करना है. राज्य के सभी 534 प्रखंडों में इस प्रकार के शिविर आयोजित किए जा रहे हैं ताकि आम लोगों की समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा सके और उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि फुलवारी शरीफ प्रखंड क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, भवन निर्माण, पेयजल एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी लगभग 71 करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है. इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों को बुनियादी सुविधाओं का बेहतर लाभ प्राप्त होगा.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा लाभुकों से सीधे संवाद किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. शिविर में बड़ी संख्या में लोग विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन जमा करते और जानकारी प्राप्त करते दिखाई दिए.
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि यह शिविर सरकार की महत्वपूर्ण पहल है जिसके माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की करीब 17 प्रमुख योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अब लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए विभिन्न कार्यालयों का चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि सभी विभाग एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, जीविका योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने लोगों से आयुष्मान कार्ड बनवाने की अपील करते हुए कहा कि यह गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की महत्वपूर्ण योजना है.
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वृद्धजन, दिव्यांग और विधवा पेंशनधारियों की मासिक पेंशन राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी है. जिन लाभुकों को केवाईसी अथवा तकनीकी कारणों से पेंशन नहीं मिल पा रही है, उन्हें चिन्हित कर शीघ्र लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका समूहों के माध्यम से लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाना है ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें और परिवार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें.
महिलाओं की सुरक्षा के संबंध में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बिहार की बेटियों और बहनों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार के अपराध, उत्पीड़न अथवा छेड़खानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश पुलिस प्रशासन को दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में लगातार निगरानी की जा रही है.
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सुशासन और कानून का राज स्थापित है. अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि पुलिस को आधुनिक संसाधनों और तकनीक से लैस किया जा रहा है ताकि अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाया जा सके. अपराधियों के मन में कानून का भय और आम लोगों के मन में सुरक्षा का विश्वास कायम रखना सरकार की प्राथमिकता है.
शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि बिहार में सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाएगा. प्रत्येक प्रखंड में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे जहां गरीब और अमीर सभी वर्गों के बच्चे समान रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे. इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेलकूद सुविधाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सोच है कि सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता इतनी बेहतर हो कि लोग निजी विद्यालयों के बजाय सरकारी विद्यालयों में अपने बच्चों का नामांकन कराना पसंद करें. उन्होंने नदियामा मध्य विद्यालय को प्लस टू विद्यालय का दर्जा देने की दिशा में कार्रवाई करने की घोषणा भी की, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा.
पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार आस्था, अध्यात्म, इतिहास और संस्कृति की भूमि है, जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की आवश्यकता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर, सोनपुर का हरिहरनाथ मंदिर, गया का विष्णुपद मंदिर, नालंदा के ऐतिहासिक अवशेष, विक्रमशिला महाविहार तथा अन्य प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को विकसित कर विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा. इन स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क, परिवहन व्यवस्था, सुरक्षा, आवास और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से जोड़ा जाएगा ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके.
उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन सर्किट और कॉरिडोर विकसित होने से राज्य में पर्यटन को नई गति मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के अवसर बढ़ेंगे. होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को इसका सीधा लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक विरासत और विक्रमशिला विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को पुनर्जीवित करने की दिशा में भी गंभीरता से काम कर रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़क, पुल, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, उद्योग और नए टाउनशिप के निर्माण पर तेजी से कार्य हो रहा है. राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीतियां लागू की जा रही हैं. विकसित बिहार ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना तथा अन्य योजनाओं के लाभुकों को स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र और सहायता राशि भी वितरित की. लाभुकों ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया.
केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है. केंद्र और राज्य सरकार मिलकर गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है.

स्थानीय विधायक श्याम रजक ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र की विकास योजनाओं और जनसमस्याओं से उन्हें अवगत कराया. उन्होंने कहा कि फुलवारी शरीफ के विकास के लिए सरकार का सहयोग लगातार मिल रहा है और आने वाले समय में क्षेत्र में और अधिक विकास कार्य देखने को मिलेंगे. उन्होंने सीएम से नदियामा मध्य विद्यालय को प्लस टू विद्यालय का दर्जा देने एवं नत्थू पुर बायपास को एम्स गोलंबर से जोड़ने का काम होगा जल्द शुरू करने की मांग की जिसे सीएम ने तुरंत मान लिया और इसकी घोषणा भी कर दी.
कार्यक्रम में जिलाधिकारी एस एम त्याग राजन, आईजी जितेंद्र राणा, सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार, सिटी एसपी पश्चिमी भानु प्रताप सिंह, विधान परिषद सदस्य रविंद्र सिंह, सत्येंद्र पासवान,कुरकुरी पंचायत मुखिया रवि कुमार, रामप्रवेश सिंह, देवेंद्र प्रसाद विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा हजारों की संख्या में आम लोग मौजूद रहे. पूरे कार्यक्रम के दौरान शिविर स्थल पर भारी भीड़ बनी रही और विभिन्न विभागों के स्टॉलों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं. जिलाधिकारी को ग्रामीणों ने घेरकर अपनी समस्याओं को सुनाया जिसे कवर करने से जिलाधिकारी के मातहत अधिकारियों ने रोका और तस्वीरें खींचने से मना कर दिया .हालांकि
सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर ने सरकार और जनता के बीच सीधे संवाद की एक मजबूत कड़ी के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.



