जिला प्रधान न्यायाधीश के कोर्ट के द्वारा रोक के आदेश के बावजूद भूमि पर भू माफिया करवा रहा निर्माण कार्य
सम्पत चक में सहयोग शिविर में सबसे ज्यादा भूमि विवाद के मामले सामने आया
हेल्थ वेलनेस सेंटर कोली में न पंखा न जांच की सुविधा मौजूद तीन दिन ही ड्यूटी बजाते चिकित्सक
फुलवारी शरीफ. संपत चक प्रखंड पंचायत सरकार भवन, लंका कछुआरा में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया.शिविर में सबसे ज्यादा मामले भूमि राजस्व विभाग का आया. गौरीचक निवासी दिनेश राय पिता- स्व जामुन राय ने भू-माफिया शंकर सिंह द्वारा मौजा -जुझारपुर के प्लॉट नंबर-1325 पर स्थानीय थाना की मदद से जबरन निर्माण कार्य कराने की शिकायत की. दिनेश राय राय द्वारा आवेदन में उल्लेखित किया गया कि उनका पट्टीदार सकलदेव राय वगैरह से 10 वर्षों से टाइटल शूट चल रहा है. जिला प्रधान न्यायाधीश द्वारा दिनांक 27/05/26 पारित आदेश में मौजा-जुझारपुर में आठ बीघा एवं 3 एकड़ 13 डिसमिल विवादित जमीन पर किसी तरह के निर्माण या कार्य उपयोग पर रोक लगा रखी है .इसके बावजूद दबंग भू माफिया द्वारा कोर्ट के आदेश की अवहेलना करके निर्माण कार्य कराया जा रहा है.पीड़ित ने स्थानीय पुलिस प्रशासन एवं सहयोग शिविर के अधिकारियों से कोर्ट के आदेश का अनुपालन करवाने का आग्रह किया . स्थानीय पुलिस के मना किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य कराया जा रहा है.
वहीं ग्राम-लखीपुर कोली निवासी संजीव शरद ने हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर कोली में में 6 दिन संचालित कराने की माँग की . यहां चिकित्सक मात्र तीन दिन ही ड्यूटी बजाते है. इसके अलावा बीपी जांच शुगर जांच वेट मशीन की सुविधा नहीं . भीषण गर्मी में यह पंखा तक नहीं है . गौरीचक उत्तरी नया टोला में ट्रांसफार्मर लगाने की मांग ग्रामीणों उठायी.

उधर दूसरी तरफ नगर परिषद संपतचक की ओर से राजकीय मध्य विद्यालय, संपतचक बाजार में आयोजित सहयोग शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन कई विभागों के काउंटरों पर अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं पहुंचे.शिविर में कुल 19 विभागों ने भाग लिया और नागरिकों को एक ही स्थान पर सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई.शिविर में सबसे अधिक भीड़ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के काउंटर पर देखने को मिली.अंचलाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि विभाग को कुल 31 आवेदन प्राप्त हुए.नगर परिषद जीविका काउंटर पर जेंडर सीआरपी सक्षम दीदी अमृता कुमारी और सुमन कुमारी के अनुसार दोपहर दो बजे तक 17 आवेदन जमा किए गए.आवास शहरी योजना से जुड़े काउंटर पर लिपिक विकास कुमार को 15 आवेदन प्राप्त हुए.
बिजली विभाग के शिव शंकर कुमार ने छह आवेदन मिलने की जानकारी दी.जबकि आपूर्ति विभाग के काउंटर पर तीन आवेदन प्राप्त हुए.इसके विपरीत कई विभागों के काउंटर पूरी तरह सूने नजर आए.पेंशन, ग्रामीण आवास और मनरेगा काउंटर पर कार्यपालक समन्वयक चंदन कुमार ने बताया कि उनके पास एक भी आवेदन नहीं आया.
होल्डिंग टैक्स, उद्योग विकास, पशुपालन, कृषि, शिक्षा, बाल विकास, स्वास्थ्य, निबंधन और गृह विभाग के काउंटरों पर भी आवेदन नहीं पहुंचे.कुछ स्थानों पर संबंधित पदाधिकारी अनुपस्थित रहे जबकि कुछ अधिकारी निर्धारित समय से काफी देर बाद पहुंचे.नगर परिषद के अधिकारियों ने माना कि जिन विभागों में आवेदन संख्या कम रही, वहां योजनाओं और सेवाओं की जानकारी लोगों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच सकी.अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें
शिविर के दौरान प्राप्त आवेदनों की समीक्षा कर त्वरित निष्पादन की प्रक्रिया शुरू करने की बात भी कही गई.
नगर परिषद ने स्पष्ट किया कि जिन सेवाओं की मांग अधिक रही, वहां अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी.वहीं जिन विभागों में आवेदन नहीं आए या अधिकारी अनुपस्थित रहे, उनकी अलग से समीक्षा कर कारणों का पता लगाया जाएगा.नगर परिषद संपतचक ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में आयोजित होने वाले सहयोग शिविरों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति अपनाई जाएगी.जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके.
अजीत कि रिपोर्ट



