बारिश में फुलवारी नगर परिषद की तैयारियों की खुली पोल, सड़कें बनीं झील.
एन एच -98 पर ढाई फीट तक जलभराव, प्रखंड कार्यालय से पीएचसी तक घुटनों भर पानी, लोगों में भारी नाराजगी.
फुलवारी शरिफ मे मानसून की तेज मूसलाधार बारिश ने फुलवारी नगर परिषद की तैयारियों की हकीकत उजागर कर दी. जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त होने से नगर परिषद क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कें घंटों तक पानी में डूबी रहीं. सबसे अधिक प्रभावित एन एच -98 का प्रखंड कार्यालय से पीएचसी फुलवारी के बीच लगभग एक किलोमीटर लंबा हिस्सा रहा, जहां करीब ढाई फीट तक पानी जमा हो गया. कई जगह लोगों को घुटनों भर गंदे पानी से होकर आवागमन करना पड़ा.
जलभराव के कारण फुलवारी प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय, एएसपी कार्यालय, पीएचसी समेत कई सरकारी कार्यालयों तक पहुंचना मुश्किल हो गया. सड़क पूरी तरह जलमग्न रहने से पैदल राहगीरों, बाइक सवारों और चारपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. कई वाहन पानी में बंद हो गए, जिससे लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा.
स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर साल बारिश के दौरान यही हालात बनते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता. समय पर नालों की सफाई नहीं होने और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त नहीं रहने के कारण थोड़ी देर की बारिश में ही पूरा इलाका झील का रूप ले लेता है. गंदे पानी के जमा होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है.

बारिश के बाद उत्पन्न हालात ने नगर परिषद के मानसून पूर्व तैयारियों के दावों की पोल खोल दी है. लोगों ने प्रशासन और नगर परिषद से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था बहाल करने, नालों की सफाई कराने और जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान करने की मांग की है. नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आगामी बारिश में स्थिति और भयावह हो सकती है.देर शाम फिर मूसलाधार बारिश हुई जिससे दुबारा जल भराव प्रभावित इलाकों में झील का नजारा हो गया.बाजारों में दुकानदारों को लबालब सड़कों पर खड़े होकर सब्जी फल वगैरह बेचने को मजबूर होना पड़ा वही ग्राहकों को घुटने तक पानी में आवागमन करके खरीदारी करना पड़ा. सबसे अधिक शर्मसार महिलाएं हुई जिन्हें कपड़े काफी ऊपर उठाकर काफी देर तक पानी से गुजरना पड़ा .



