दानापुर में अतिक्रमण और गंदगी से सिमटता जा रहा तालाब का अस्तित्व, तालाब बना कूड़ेदान
दानापुर.राज्य सरकार जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत तालाबों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है.वहीं राजधानी के सटे दानापुर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-3 स्थित दाउदपुर बिंद टोली का प्राचीन तालाब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. गंदगी, अतिक्रमण और प्रशासनिक उदासीनता के कारण यह ऐतिहासिक जलस्रोत धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है .दाउदपुर बिंद टोली स्थित यह तालाब कभी इलाके का प्रमुख जलस्रोत हुआ करता था, लेकिन समय के साथ इसकी उपयोगिता घटती गई और लोगों ने इसे कूड़ाघर बना दिया. स्थानीय लोगों द्वारा घरों का कचरा, पॉलिथीन और अन्य अपशिष्ट लगातार तालाब में फेंके जाने से इसकी स्थिति बद से बदतर हो चुकी है. तालाब के चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो वर्षों से इसकी सफाई नहीं कराई गई हो.स्थिति सिर्फ गंदगी तक सीमित नहीं है. तालाब के किनारों पर अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे हैं.कुछ लोगों ने पशुओं का तबेला बनाकर अतिक्रमण कर लिया है, जिससे तालाब का क्षेत्रफल लगातार सिकुड़ रहा है.स्थानीय लोगों का आरोप है कि कूड़ा फेंककर तालाब को धीरे-धीरे पाटने की कोशिश की जा रही है, जिससे इसके अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा पहले तालाब के गहरीकरण, सीढ़ी निर्माण और सौंदर्यीकरण की योजना बनाई गई थी. स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत भी तालाब की सफाई कार्य नहीं कराया जा सका है.

तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने इस तालाब समेत अन्य जलस्रोतों के विकास का प्रस्ताव विभाग को भेजा था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई काम शुरू नहीं हो सका. हर माह अतिक्रमण अभियान चलाया जा रहा है, इसके बाद भी तालाब पर हुए अतिक्रमण हटाने के लिए नप प्रशासन द्वारा कोई उचित पहल नहीं किया गया है.लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तालाब को अतिक्रमणमुक्त कर संरक्षित नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह प्राचीन जलस्रोत पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और अतिक्रमणकारियों धीरे धीरे तालाब पर अतिक्रमण करते जा रहे हैं.स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तालाब में कूड़ा फेंकने पर रोक लगाने, अतिक्रमण हटाने और शीघ्र सौंदर्यीकरण कार्य शुरू करने की मांग की है. वहीं नप प्रशासन द्वारा हर साल बजट में सवा चार करोड़ राशि से तालाब व कुआं का सौंदर्यीकरण कार्य पर खर्च करने का प्रस्ताव पारित किया जाता है.परिषद प्रशासन का कहना है कि जल्द ही तालाब की सफाई कराई जाएगी और जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत इसके सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना तैयार की जाएगी. एसडीओ अनिरुद्ध पांडेय ने नप ईओ सह प्रशासक पंकज कुमार को निर्देश दिया है कि तालाब पर अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया जाए और सफाई कार्य करने को कहा गया है. परिषद ईओ सह प्रशासक पंकज कुमार ने बताया कि तालाब सौंदर्यीकरण करने का प्रस्ताव नगर विकास व आवास विभाग को भेजा गया है. अभी तक विभाग से प्रस्ताव पास नहीं हुआ है.
दानापुर से संजय कुमार की रिपोर्ट



