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मखदूम रास्ती कॉलोनी में आवारा कुत्तों का आतंक, घरों से निकलना हुआ मुश्किल

फुलवारी शरीफ, अजीत: फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र स्थित मखदूम रास्ती कॉलोनी इन दिनों आवारा और लावारिस कुत्तों के आतंक से जूझ रही है. कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि सड़क पर घूमने वाले दर्जनों कुत्तों के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है. स्थानीय नागरिकों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है तथा लोग मजबूरी में लाठी-डंडा लेकर घरों से निकल रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय कुत्तों का झुंड कॉलोनी की गलियों में सक्रिय रहता है. स्कूल, कॉलेज और कोचिंग जाने वाले बच्चों तथा बच्चियों को देखकर कुत्ते भौंकते हुए दौड़ पड़ते हैं और कई बार काटने का प्रयास करते हैं. इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है तथा बच्चे भी भय के कारण अकेले बाहर निकलने से कतरा रहे हैं.
कॉलोनी निवासी मोहम्मद रिजवान उर्फ गुड्डू, मोहम्मद मोनू आलम, मोहम्मद मुशीर, मोहम्मद टीपू, तारा परवीन, शहजादी खातून, शकीला खातून समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने बताया कि एक महिला द्वारा प्रतिदिन कुत्तों को दाना-पानी दिए जाने के कारण आसपास के इलाके के कुत्ते भी कॉलोनी में जमा हो जाते हैं.लोगों का आरोप है कि कई बार आपत्ति जताने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. कुत्तों को दाना पानी खिलाकर कॉलोनी में बुलाने वाली महिला किसी एनजीओ से जुड़ी है और लोगों पर अपना धौंस भी जमाती है.
मोहम्मद रिजवान उर्फ गुड्डू ने बताया कि हाल ही में उनका छोटा बेटा कोचिंग जाने के लिए घर से निकला था.इसी दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया. बच्चे के शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े और किसी तरह उसे कुत्तों के चंगुल से बचाया. घटना के बाद से बच्चा काफी डरा हुआ है और अकेले बाहर जाने से घबराता है.
वहीं मोहम्मद मोनू आलम ने बताया कि उनकी पालतू बकरी पर भी कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया था.हमले में बकरी गंभीर रूप से घायल हो गई.काफी इलाज कराने के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी और अंततः उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद पशुपालकों में भी चिंता बढ़ गई है.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बकरीद के अवसर पर आमतौर पर कॉलोनी में रिश्तेदारों और मेहमानों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे पूरा इलाका गुलजार रहता है लेकिन इस बार कुत्तों के आतंक की जानकारी मिलने के बाद कई लोग कॉलोनी आने से बचते रहे.लोगों का कहना है कि भय के माहौल के कारण पर्व की रौनक भी प्रभावित हुई है.
निवासियों ने बताया कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह कॉलोनी फुलवारी शरीफ थाना और नगर परिषद कार्यालय के समीप स्थित है.बावजूद इसके आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है. लोगों का कहना है कि कई बार मौखिक शिकायत किए जाने के बाद भी न तो कुत्तों को पकड़ने की व्यवस्था की गई और न ही इलाके में कोई विशेष अभियान चलाया गया.
स्थानीय लोगों ने नगर परिषद प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने, उनका टीकाकरण कराने तथा उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए तत्काल अभियान चलाया जाए. साथ ही कॉलोनी में रहने वाले बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं.
कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है. लोगों ने प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप कर मखदूम रास्ती कॉलोनी को आवारा कुत्तों के आतंक से मुक्ति दिलाने की मांग की है.

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