विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर महावीर कैंसर संस्थान का जनजागरण अभियान, तंबाकू छोड़ने की दिलाई शपथ
फुलवारी शरीफ: विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को पटना स्थित महावीर कैंसर संस्थान में व्यापक जनजागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को तंबाकू एवं तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए प्रेरित करना था.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान की चिकित्सा निदेशक एवं कीमोथेरेपी विभाग की प्रमुख डॉ. मनीषा सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया में होने वाली बड़ी संख्या में मौतों का प्रमुख कारण तंबाकू का सेवन है. उन्होंने कहा कि महावीर कैंसर संस्थान कैंसर के उपचार के साथ-साथ उसकी रोकथाम के लिए भी लगातार कार्य कर रहा है. संस्थान समय-समय पर तंबाकू विरोधी जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इसके खतरों से अवगत कराता है.
डॉ. मनीषा सिंह ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर तंबाकू नियंत्रण के लिए अनेक कदम उठा रही है, लेकिन इस लड़ाई में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है. लोगों को यह समझाने की जरूरत है कि तंबाकू और उससे बने उत्पाद किस प्रकार धीरे-धीरे शरीर को गंभीर बीमारियों की ओर धकेल देते हैं और अंततः कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का कारण बनते हैं. कार्यक्रम के अंत में उन्होंने उपस्थित लोगों को तंबाकू और तंबाकू उत्पादों का त्याग करने की शपथ भी दिलाई.
संस्थान के निदेशक प्रशासन डॉ. बी. सन्याल ने कहा कि तंबाकू से होने वाली बीमारियों की जानकारी होने के बावजूद लोग इसका सेवन कर रहे हैं, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है. उन्होंने कहा कि किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक और जानलेवा है. उन्होंने अस्पताल में इलाजरत मरीजों और उनके परिजनों से अपील की कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को चिकित्सकों से न छिपाएं, ताकि समय रहते बीमारी की पहचान और उपचार संभव हो सके.
सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. सी. खंडेलवाल ने कहा कि तंबाकू सेवन से मुंह, गला, श्वासनली और फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, पेट का अल्सर, अम्लपित्त और अनिद्रा जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं. उन्होंने लोगों से अपने आसपास के लोगों को भी तंबाकू से दूर रहने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया.
सर्जरी विभाग की हेड एंड नेक यूनिट के प्रभारी डॉ. कुणाल रंजन ने कहा कि संस्थान में प्रतिवर्ष मुंह और गले के कैंसर के हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. उन्होंने कहा कि इलाज से बेहतर बचाव है. तंबाकू का सेवन न केवल गंभीर बीमारी का कारण बनता है, बल्कि मरीज और उसके परिवार को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है.
यूरो ऑन्को विभाग के वरिष्ठ सर्जन डॉ. राहुल जनक सिन्हा ने कहा कि तंबाकू का दुष्प्रभाव केवल मुंह और गले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कारण 40 से अधिक प्रकार की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जिनमें मूत्राशय का कैंसर भी शामिल है. उन्होंने लोगों से तंबाकू मुक्त परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की.
इस अवसर पर वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. साहिन तथा डॉ. अनुश्री ने भी अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम में कैंसर मरीजों, उनके परिजनों तथा बड़ी संख्या में आम लोगों ने भाग लिया और तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लिया.



