सबसे बड़ी स्कल बोन ट्यूमर सर्जरी कर रचा इतिहास, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम
फुलवारी शरीफ
: एम्स पटना ने न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए प्रतिष्ठित लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है. संस्थान के न्यूरोसर्जरी विभाग के अतिरिक्त प्राध्यापक डॉ. सरोज कुमार सिंह एवं उनकी टीम ने भारत की अब तक की सबसे बड़ी स्कल बोन ट्यूमर सर्जरी सफलतापूर्वक कर यह गौरव हासिल किया है.
यह जटिल सर्जरी एम्स पटना में 29 वर्षीय पुरुष मरीज पर की गई थी, जिसके सिर में 22 सेमी × 16 सेमी × 7 सेमी आकार तथा लगभग 830 ग्राम वजन का विशाल स्कल बोन ट्यूमर था. लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा जारी आधिकारिक प्रमाणन के अनुसार यह सर्जरी 21 फरवरी 2024 को की गई थी. सर्जरी सुबह 9 बजे शुरू हुई और शाम 4:45 बजे तक चली. करीब 7 घंटे 45 मिनट तक चली इस चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया को चिकित्सकों ने सफलतापूर्वक पूरा किया था.
विशेषज्ञों के अनुसार ट्यूमर का असाधारण आकार और वजन इस ऑपरेशन को अत्यंत संवेदनशील एवं तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण बना रहा था. अत्याधुनिक तकनीक, सूक्ष्म योजना और बहु-विषयक चिकित्सकीय विशेषज्ञता के कारण इस दुर्लभ सर्जरी को सफल बनाया जा सका.
एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर डॉ. सरोज कुमार सिंह एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज यह उपलब्धि न केवल एम्स पटना बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि एम्स पटना लगातार उन्नत और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है.
इस उपलब्धि के साथ एम्स पटना ने पूर्वी भारत में उन्नत न्यूरोसर्जरी सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान और मजबूत की है. चिकित्सा जगत में इस सफलता को बिहार के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जो राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा उत्कृष्टता के नए आयाम तक पहुंचाने में सहायक होगी.



