श्री विष्णु महायज्ञ में गूंजा राधे-कृष्ण का जयकारा. कृष्ण विवाह प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
फुलवारी शरीफ, पटना के पैठानी नत्थूपुर सूर्य मंदिर परिसर में आयोजित श्री श्री 100008 श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. महायज्ञ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. धार्मिक अनुष्ठानों और कथा प्रवचन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है.
वृंदावन से पधारे कथावाचक पंडित देवकीनंदन भारद्वाज महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया. उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्श, प्रेम, करुणा और धर्म की रक्षा के संदेश को विस्तार से बताया. कथा के दौरान महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल लीला नहीं, बल्कि मानव समाज के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने प्रेम, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की सीख दी है.
कृष्ण विवाह प्रसंग का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे. कथा पंडाल में “हरे रामा हरे कृष्णा”, “राधे-राधे”, “कृष्ण-कृष्ण” के जयकारों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया. महिलाएं, बुजुर्ग और युवा श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर झूमते नजर आए.
पंडित देवकीनंदन भारद्वाज महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि आज के समय में भगवान राम और माता सीता के आदर्शों को जीवन में उतारने की सबसे अधिक जरूरत है. उन्होंने कहा कि परिवार, समाज और संस्कारों को मजबूत बनाने के लिए मर्यादा, त्याग और प्रेम का भाव जरूरी है. राम और सीता का जीवन समाज को आदर्श परिवार और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है.
महायज्ञ परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. यज्ञ, हवन और कथा सुनने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं. आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि महायज्ञ एवं कथा का कार्यक्रम कई दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान और प्रवचन आयोजित किए जाएंगे.



