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मकई के खेत में दौड़ाए गए करंट की चपेट में आने से महादलित महिला की मौत

पीड़ित के लिए भाकपा माले ने मांगा 10 लाख मुआवजा.

पटना जिले के ढिवरा पंचायत अंतर्गत शाहपुर मुसहरी में मकई के खेत के चारों ओर लगाए गए बिजली प्रवाहित नंगे तार की चपेट में आने से एक महादलित वृद्ध महिला 70 वर्षीय रीता देवी, पति स्वर्गीय बलदेव मांझी की दर्दनाक मौत हो के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया है.

मृतका की पुत्री सोनी कुमारी ने बताया कि उनके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है. परिवार का भरण-पोषण रीता देवी बकरी पालन कर करती थीं. परिवार में 18 वर्षीय पुत्री सोनी कुमारी और 16 वर्षीय पुत्र सुवास कुमार हैं. मां की मौत के बाद दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है.
घटना की जानकारी मिलने के बाद भाकपा माले की चार सदस्यीय टीम प्रखंड सचिव गुरुदेव दास के नेतृत्व में मौके पर पहुंची. टीम में वरिष्ठ नेता कामरेड शरीफा मांझी, मंटू साह और मदन पासवान भी शामिल थे. गुरुदेव दास ने कहा कि खेत में बिजली प्रवाहित नंगा तार बिछाना बेहद खतरनाक और गैरजिम्मेदाराना कार्य है. उन्होंने आरोप लगाया कि खेत मालिक महेंद्र सिंह की घोर लापरवाही के कारण यह मौत हुई है.
उन्होंने बताया कि घटना के बाद खेत मालिक ने जल्दबाजी में करंट प्रवाहित तार को वहां से हटा लिया. वहीं, परसा बाजार थाना की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया तथा प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
भाकपा माले नेताओं ने घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा मृतका के आश्रितों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है ताकि परिवार के शेष सदस्यों की आजीविका चल सके.

जानकारी के अनुसार रीता देवी रोज की तरह बकरी चराने गई थीं. शुक्रवार को तेजआंधी पानी के दौरान गांव के महेंद्र सिंह द्वारा मकई के खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए बिजली प्रवाहित नंगे तार की चपेट में आ गईं, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई. परिजनों ने बताया कि बकरी लाने के क्रम में महिला करंट की चपेट में आई थीं.

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