एम्स पटना में पीएम-राहत योजना शुरू, सड़क हादसे के घायलों को मिलेगा कैशलेस इलाज
सात दिनों तक ₹1.5 लाख तक के उपचार की सुविधा, आर्थिक तंगी के कारण नहीं रुकेगा जरूरी इलाज
फुलवारी शरीफ, अजीत। सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एम्स पटना ने महत्वपूर्ण पहल की है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना में गुरुवार से प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार योजना (पीएम-राहत) की शुरुआत की गई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में घायल लोगों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि पैसों की कमी के कारण किसी भी पात्र मरीज का जरूरी उपचार प्रभावित न हो।
योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक ₹1.5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। यह लाभ निर्धारित पात्रता और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप दिया जाएगा। योजना से दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार, जरूरी जांच और आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

ट्रॉमा और इमरजेंसी विभाग की होगी अहम भूमिका
एम्स पटना के ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग को योजना के क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके प्रभावी संचालन के लिए अस्पताल प्रशासन, चिकित्सा विभागों और संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। पात्र मरीजों की पहचान, आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और इलाज से जुड़ी औपचारिकताओं को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरा किया जाएगा।
एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि संस्थान मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पीएम-राहत योजना से बिहार सहित आसपास के क्षेत्रों के सड़क दुर्घटना पीड़ितों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता मिलने में काफी मदद मिलेगी।

बेहतर समन्वय से मिलेगी मरीजों को सुविधा
एम्स पटना के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने योजना के सफल संचालन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और उचित प्रशासनिक व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पात्र मरीजों को योजना के प्रावधानों के अनुसार चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
वहीं, ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार ने सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को बिना अनावश्यक देरी के चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत बताई। उन्होंने मरीजों की स्थिति का समय पर आकलन करने और आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ उपचार देने के महत्व पर प्रकाश डाला। मरीजों का इलाज निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार किया जाएगा।
नोडल अधिकारी करेंगे योजना का समन्वय
एम्स पटना में इस योजना के लिए नामित नोडल अधिकारी डॉ. सुजीत कुमार सिन्हा, उप चिकित्सा अधीक्षक, इसके क्रियान्वयन से जुड़े कार्यों का समन्वय करेंगे। पात्र मरीजों के सत्यापन, आवश्यक दस्तावेजों और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं को पूरा कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ तालमेल स्थापित किया जाएगा।
पीएम-राहत योजना केंद्र सरकार की ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को समय पर आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और इलाज में आर्थिक बाधाओं को कम करना है।
सड़क दुर्घटना होने पर क्या करें?
सड़क हादसे में किसी व्यक्ति के घायल होने पर तत्काल मदद के लिए राष्ट्रीय आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है। घायल को जल्द से जल्द नजदीकी उपयुक्त अस्पताल पहुंचाना महत्वपूर्ण है। योजना के तहत कैशलेस उपचार का लाभ पात्रता और निर्धारित नियमों के अनुसार मिलेगा।



