नाला उड़ाही के नाम पर अव्यवस्था, खगौल नगर परिषद की कार्यशैली से जनता परेशान
खगौल। बरसात से पहले जलजमाव रोकने के उद्देश्य से खगौल नगर परिषद द्वारा नगर क्षेत्र में नाला उड़ाही का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन यह सफाई अभियान अब लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनता जा रहा है। नगर परिषद द्वारा नालों से निकाला गया कीचड़ और कचरा कई दिनों तक सड़कों पर ही छोड़ दिया जाता है, जिससे पूरे इलाके में गंदगी, दुर्गंध और अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। नगर परिषद की इस लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
नगर क्षेत्र के मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में नाला सफाई के दौरान निकाले गए कीचड़ को सड़क किनारे या बीच सड़क पर ही छोड़ दिया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कीचड़ चार से पांच दिनों तक पड़ा रहता है। तेज धूप में कीचड़ से उठने वाली बदबू के कारण आसपास का वातावरण दूषित हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी दुकानदारों और राहगीरों को झेलनी पड़ रही है। दुकानदारों का कहना है कि गंदगी और दुर्गंध के कारण ग्राहक दुकान तक आने से बच रहे हैं, जिससे उनके व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है।
लोगों का आरोप है कि नगर परिषद केवल खानापूर्ति के लिए नालों की सफाई कर रही है, जबकि सफाई के बाद की व्यवस्था पूरी तरह फेल नजर आती है। सड़क पर फैले कीचड़ के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। बाइक और साइकिल सवारों को दुर्घटना का डर बना रहता है। कई जगहों पर सड़क का आधा हिस्सा कीचड़ से ढक जाने के कारण ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। बरसात की हल्की फुहार पड़ते ही यही कीचड़ सड़क पर फैलकर और अधिक परेशानी पैदा कर देता है।

स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि नगर परिषद समय पर होल्डिंग टैक्स और सफाई टैक्स वसूलने में पूरी सख्ती दिखाती है, लेकिन बदले में शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं भी ठीक से नहीं मिल रही हैं। सफाई व्यवस्था की हालत यह है कि नाला उड़ाही के बाद कई दिनों तक कीचड़ हटाने की जहमत तक नहीं उठाई जाती। लोगों ने इसे नगर परिषद की लापरवाही और गैरजिम्मेदाराना रवैया बताया है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि आज के समय में नालों की सफाई और कीचड़ उठाने के लिए आधुनिक मशीनें और संसाधन उपलब्ध हैं। बड़े शहरों में सफाई के तुरंत बाद कीचड़ हटाकर उसका निपटारा कर दिया जाता है, लेकिन खगौल नगर परिषद अब भी पुराने और धीमे तरीके से काम कर रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि नगर परिषद के पास न तो बेहतर योजना है और न ही जनता की सुविधा को लेकर गंभीरता।
कई स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद के अधिकारी क्षेत्र का निरीक्षण तक नहीं करते। अगर अधिकारी नियमित रूप से सफाई कार्य की निगरानी करें तो सड़क पर कई दिनों तक गंदगी फैली रहने की नौबत नहीं आए। लोगों का कहना है कि नगर परिषद की लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। बदबू और गंदगी के कारण क्षेत्र में बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नाला उड़ाही के बाद तत्काल कीचड़ उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सफाई कार्य में आधुनिक मशीनों और पर्याप्त संसाधनों का उपयोग किया जाए ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। जनता का कहना है कि केवल सफाई अभियान चलाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरे सिस्टम को जिम्मेदारी के साथ संचालित करना होगा। फिलहाल नगर परिषद की कार्यशैली को लेकर लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।



