पटना मेट्रो स्टेशन पर ‘आतंकियों’ का हमला, गोलियों की गूंज से दहला इलाका.
दो ढेर, तीन गिरफ्तार, दो घंटे तक चला फिल्मी अंदाज में ऑपरेशन.
फुलवारी शरीफ, पटना मेट्रो के पाटलिपुत्र बस टर्मिनल (आईएसबीटी) मेट्रो स्टेशन परिसर में मंगलवार को अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सूचना फैली कि पांच आतंकवादी मेट्रो स्टेशन के अंदर घुस गए हैं. देखते ही देखते पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. एटीएस, एसटीएफ, एसडीआरएफ, बिहार पुलिस, अग्निशमन दल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं.
मेट्रो स्टेशन के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना दिया गया. इसी बीच एटीएस के जवानों ने फिल्मी अंदाज में रैपलिंग रोप के सहारे इमारत की ऊंचाई से मेट्रो परिसर में प्रवेश किया. जवानों ने अंदर घुसे आतंकवादियों को घेरते हुए ऑपरेशन शुरू किया. कुछ ही देर में दोनों ओर से गोलीबारी की आवाज गूंजने लगी, जिससे आसपास मौजूद लोगों की सांसें थम गईं.
करीब दो घंटे तक चले हाईवोल्टेज ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया, जबकि तीन को जिंदा पकड़ लिया. पूरे ऑपरेशन के दौरान यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने, संदिग्ध क्षेत्रों की निगरानी और रेस्क्यू अभियान का अभ्यास किया गया.

हालांकि बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई वास्तविक आतंकी हमला नहीं, बल्कि संयुक्त आतंकवाद निरोधक मॉक ड्रिल थी. इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी या आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता, आपसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई क्षमता को परखना था.
पटना सदर पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी टू रंजन कुमार ने बताया कि मेट्रो स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थानों पर किसी भी खतरे से निपटने के लिए यह विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी. इसमें बिहार पुलिस, एटीएस, एसटीएफ, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, यातायात पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और पटना मेट्रो प्रशासन की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया.
पूरे ऑपरेशन के दौरान आधुनिक हथियारों, सामरिक रणनीति और सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन किया गया. अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी इस तरह के सुरक्षा अभ्यास समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि मेट्रो सेवाओं को पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जा सके.



