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धर्म और पेशे से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करना इमारत ए शरिया की पहचान, मुफ्ती मुहम्मद सोहराब नदवी


फुलवारी शरीफ, अजीत: इमारत ए शरिया बिहार, ओडिशा, झारखंड एवं पश्चिम बंगाल की ओर से किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत मर्चन गांव स्थित जामिया मस्जिद में आयोजित एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए नायब नाजिम इमारत ए शरिया एवं प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख मौलाना मुफ्ती मुहम्मद सोहराब नदवी कासमी ने कहा कि इमारत ए शरिया की व्यवस्था राष्ट्र और मानवता की सर्वांगीण सेवा पर आधारित है. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता, बुनियादी दीनि तालीम और सामाजिक सुधार के साथ-साथ इमारत ए शरिया का सबसे बड़ा उद्देश्य धर्म और पेशे की परवाह किए बिना मानवता की सेवा करना है.
उन्होंने कहा कि जब भी देश के किसी हिस्से में प्राकृतिक आपदा, हिंसा या अन्य किसी कारण से लोग प्रभावित होते हैं, इमारत ए शरिया राहत और सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है. चाहे असम हो, गुजरात, कश्मीर, पंजाब, नूंह, मेवात या बिहार, हर जगह इमारत ए शरिया के कार्यकर्ता पीड़ितों की मदद के लिए पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष पंजाब में आई भीषण बाढ़ के दौरान अमीर शरीयत हजरत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी और नाजिम इमारत ए शरिया मौलाना मुफ्ती मुहम्मद सईद-उर-रहमान कासमी के निर्देश पर 15 सदस्यीय राहत टीम भेजी गई थी. टीम ने रावी और तोवी नदी के किनारे प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री पहुंचाई और बेघर लोगों की मदद की.
मुफ्ती सोहराब नदवी ने कहा कि इमारत ए शरिया से जुड़े हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह इंसानियत की सेवा को इबादत समझकर आगे आए. उन्होंने एकता, भाईचारा और शरीयत पर अमल की आवश्यकता पर भी बल दिया.
सभा को संबोधित करते हुए दारुल इफ्ता इमारत ए शरिया के मुफ्ती मौलाना अकील अख्तर कासमी ने कहा कि महिलाओं को विरासत में अधिकार नहीं दिए जाने के कारण समाज में दहेज जैसी बुराई बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि शरीयत के आदेशों का पालन करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है. यदि समाज शरीयत पर मजबूती से अमल नहीं करेगा तो भविष्य में धार्मिक पहचान और अधिकारों की रक्षा कठिन हो जाएगी.
काजी शरिया मौलाना वसी अहमद कासमी ने प्रत्येक घर को दीनि तालीम का केंद्र बनाने और मस्जिदों में बुनियादी धार्मिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की अपील की. वहीं दारुल कजा पावाखाली के काजी शरीयत मौलाना फजलुल्लाह कासमी ने किशनगंज जिले में स्थापित दारुल कजा की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि घरेलू और सामाजिक विवादों का समाधान शरीयत के अनुसार होना चाहिए ताकि लोगों को कुरान और हदीस की रोशनी में न्याय मिल सके.
कार्यक्रम का संचालन इमारत ए शरिया के प्रचारक मौलाना सऊदुल्लाह रहमानी ने किया. उन्होंने अपने प्रारंभिक संबोधन में इमारत ए शरिया की विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और राहत सेवाओं की जानकारी दी. इससे पूर्व प्रतिनिधिमंडल ने बंदरझोला बस्ती में भी सभा को संबोधित किया, जहां लोगों को एकता, शरीयत की सुरक्षा और धार्मिक शिक्षा को मजबूत करने का संदेश दिया गया.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, उलेमा, सामाजिक कार्यकर्ता और इमारत ए शरिया के सदस्य मौजूद रहे. दोनों सभाओं को सफल बनाने में इमारत ए शरिया के प्रचारक मौलाना रईस-ए-आजम रहमानी ने व्यवस्था और अनुशासन की जिम्मेदारी संभाली.

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