एम्स पटना में बायोस्टैटिस्टिक्स पर ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस आयोजित
फुलवारी शरीफ
: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना के न्यूरोलॉजी विभाग द्वारा “क्लिनिकल प्रैक्टिस और रिसर्च के लिए बायोस्टैटिस्टिक्स” विषय पर ऑनलाइन शैक्षणिक कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई. कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं विद्यार्थियों के बीच बायोस्टैटिस्टिक्स तथा अनुसंधान पद्धति की व्यावहारिक समझ को मजबूत करना था.
कार्यक्रम का आयोजन कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल के संरक्षण तथा डीन एकेडमिक्स प्रो. डॉ. पूनम प्रसाद भदानी के मार्गदर्शन में हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार राय ने की, जबकि डॉ. प्रतिभा प्रसाद ने संचालन एवं समन्वय की जिम्मेदारी निभाई.
ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में देशभर के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सकों, शोधार्थियों, फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों ने भाग लिया. कार्यक्रम में शोध कार्यों की गुणवत्ता सुधारने, वैज्ञानिक डेटा विश्लेषण को सरल बनाने तथा साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया.
कॉन्फ्रेंस में आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र कुमार तिवारी एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के डॉ. राकेश कुमार सरोज ने विशेषज्ञ व्याख्यान दिए. उन्होंने बायोस्टैटिस्टिक्स, महामारी विज्ञान, अनुसंधान पद्धति, डेटा विश्लेषण, सांख्यिकीय मॉडलिंग तथा आधुनिक स्वास्थ्य अनुसंधान में उपयोग होने वाली तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की.
सत्रों में अध्ययन डिजाइन, सैंपल साइज निर्धारण, रिग्रेशन विश्लेषण, डेटा विजुअलाइजेशन एवं सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर के उपयोग जैसे विषयों को शामिल किया गया. विशेषज्ञों ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान एवं क्लिनिकल ट्रायल में बायोस्टैटिस्टिक्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि सही सांख्यिकीय पद्धति शोध की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता को बेहतर बनाती है.
कार्यक्रम के दौरान इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने शोध एवं डेटा विश्लेषण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया. अंत में न्यूरोलॉजी विभाग ने सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया.



