अरशद डी बाइक चोर गिरोह का बड़ा खुलासा, मास्टरमाइंड अपने साला समेत 4 गिरफ्तार, कई जिलों में फैला था नेटवर्क.
फुलवारी शरीफ@अजीत, पटना के फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए बाइक चोरी और चेन लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले कुख्यात गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड अरशद उर्फ अरशद डी को उसके साला समेत चार अपराधियों के साथ गिरफ्तार किया गया है. लंबे समय से पुलिस और आम लोगों के लिए सिरदर्द बना यह गिरोह शहर समेत आसपास के जिलों में सक्रिय था.

बताया जाता है कि 15 अप्रैल 2026 को बाइक चोरी की एक घटना के बाद इस पूरे गिरोह का सुराग पुलिस के हाथ लगा. शिकायत दर्ज होते ही मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया. इस टीम में फुलवारीशरीफ थाना पुलिस, तकनीकी सेल और अनुभवी पदाधिकारियों को शामिल किया गया, जिन्होंने योजनाबद्ध तरीके से जांच शुरू की.
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. साथ ही मोबाइल सर्विलांस और तकनीकी इनपुट के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई. गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की और गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार अपराधियों के पास से दो चोरी की मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है. पुलिस के अनुसार यह मोबाइल कई वारदातों के सुराग खोलने में अहम भूमिका निभा सकता है. पूछताछ में आरोपियों ने कई अन्य चोरी और चेन लूट की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड अरशद डी बेहद शातिर अपराधी है. वह पुलिस से बचने के लिए बार-बार अपना ठिकाना और नाम बदलता रहता था. इस बार भी वह फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के पास ही एक किराए के मकान में पहचान छिपाकर रह रहा था, ताकि किसी को उस पर शक न हो. उसके खिलाफ पटना के विभिन्न थाना क्षेत्रों में करीब दो दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चेन लूट, बाइक चोरी, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं.
पुलिस के अनुसार अरशद डी अपने साला और अन्य साथियों—मो. आमिर, मो. साहिल और मो. नौशाद—के साथ मिलकर इस पूरे गिरोह को संचालित करता था. गिरोह के सदस्य बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देते थे. ये लोग दो से तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पहले इलाके की रेकी करते थे, फिर भीड़भाड़ वाले बाजार, सुनसान सड़क या महिलाओं को निशाना बनाते थे. मौका मिलते ही चेन लूट या बाइक चोरी की घटना को अंजाम देकर तेजी से फरार हो जाते थे.

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि चोरी की मोटरसाइकिलों को गिरोह के सदस्य अलग-अलग जिलों में ले जाकर कम कीमत पर बेच देते थे, जिससे पुलिस के लिए उन्हें ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था. गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस को छह और चोरी की मोटरसाइकिलों का पता चला है. इन वाहनों की बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और इसके कारण फुलवारी शरीफ समेत पटना के कई इलाकों में बाइक चोरी और चेन लूट की घटनाओं में वृद्धि हो रही थी. कई बार पुलिस ने इस गिरोह तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन हर बार ये लोग बच निकलते थे. इस बार तकनीकी साक्ष्य और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है.
पूरे ऑपरेशन में फुलवारीशरीफ थाना की पुलिस टीम और तकनीकी सेल की अहम भूमिका रही. पुलिस टीम ने दिन-रात मेहनत कर गिरोह के नेटवर्क को खंगाला और सटीक योजना बनाकर एक ही झटके में पूरे गिरोह को दबोच लिया. अधिकारियों ने टीम की तत्परता और कार्यशैली की सराहना की है.
थानाध्यक्ष गुलाम शाहबाज आलम ने बताया कि फिलहाल गिरफ्तार सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान और भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जिससे इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों और नेटवर्क का पर्दाफाश होगा. फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी की जा रही है.

इस कार्रवाई के बाद इलाके में लोगों ने राहत की सांस ली है. अरशद की दो शादी हुई है एक पत्नी से एक और पहली पत्नी से दो बच्चे हैं.यह नाम बदलकर किराए के मकान में रहता है और अपराधियो को मॉनिटर करता है . इसके इशारे में कई घटनाओं को एक ही दिन में अंजाम दिया गया है .



