ब्लैकआउट के दौरान 15 मिनट तक थम सी गई रफ्तार, लोगों ने बंद की घरों की लाइटे
फुलवारी शरीफ, अजीत: केंद्र सरकार के निर्देश पर गुरूवार की शाम 7 बजे से 7:15 बजे तक आयोजित ब्लैकआउट कार्यक्रम का फुलवारी शरीफ, संपतचक, अनीसाबाद, रामकृष्ण नगर, बेउर, परसा बाजार, जानीपुर और फुलवारी शरीफ नगर परिषद क्षेत्र समेत आसपास के इलाकों में व्यापक असर देखने को मिला. निर्धारित समय पर लोगों ने अपने-अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद कर कार्यक्रम में सहयोग किया. 15 मिनट तक पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहा और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी लगभग थम सी गई.
पटना एम्स गोलंबर पर ब्लैकआउट को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई थी. यहां विक्रम अंचल के पदाधिकारी विपिन कुमार सिंह मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात रहे. वहीं टीओपी प्रभारी सुभाष कुमार के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने वाहनों को रोककर उनकी लाइटें बंद करवाईं और लोगों से सहयोग की अपील की. पुलिस की सक्रियता के कारण ब्लैकआउट शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.
फुलवारी शरीफ थाना गोलंबर पर एसडीपीओ सुशील कुमार सिंह तथा थानाध्यक्ष गुलाम मोहम्मद शाहबाज आलम के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम पूरी तरह मुस्तैद दिखी. ब्लैकआउट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार गश्त करती रही. प्रशासन की अपील पर अधिकतर लोगों ने अपने घरों की बिजली बंद रखी और सड़कों पर भी वाहनों को रोककर उनकी हेडलाइट बंद कर दी गई.
ब्लैकआउट का असर प्रखंड कार्यालय, पटना एम्स पटना सुधा डेयरी महावीर कैंसर संस्थान समेत विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में भी देखा गया. संस्थानों ने निर्धारित समय पर सभी अनावश्यक लाइटें बंद कर कार्यक्रम में सहभागिता निभाई. हालांकि इमरजेंसी सेवाओं को इससे अलग रखा गया और एंबुलेंस सहित जरूरी सेवाओं के वाहनों का परिचालन जारी रहा.
अचानक पूरे इलाके में अंधेरा छा जाने से कई लोग पहले तो हैरान रह गए. काफी संख्या में लोगों को ब्लैकआउट की जानकारी नहीं थी और वे एक-दूसरे से पूछते नजर आए कि आखिर क्या हुआ है. बाद में जानकारी मिलने पर लोगों ने भी सहयोग किया. 15 मिनट तक शहर की रफ्तार जैसे थम गई और सड़कों पर जहां-तहां वाहन चालक अपनी गाड़ियों की लाइट बंद कर खड़े दिखाई दिए.
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि ब्लैकआउट कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और आम लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया. तमाम इलाकों में हाई मास्टलाइट लाइट से जलने वाले बोर्ड की बत्तियां बुझा दी गई थी.



