एम्स पटना को ‘आयुष्मान मंथन’ में मिला पहला स्थान, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सम्मान
फुलवारी शरीफ,
बेहतर और संवेदनशील स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट (आद्री) और बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति की ओर से ऊर्जा ऑडिटोरियम में ‘आयुष्मान मंथन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान राज्य में आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन और मरीजों को मिल रही सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
कार्यक्रम में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रथम स्थान से सम्मानित किया गया. यह सम्मान संस्थान द्वारा मरीजों को बेहतर इलाज, समय पर चिकित्सा सुविधा और आयुष्मान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिया गया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. उन्होंने बताया कि बिहार में अब तक 4.16 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे लाखों परिवारों को इलाज में आर्थिक राहत मिल रही है.
स्वास्थ्य मंत्री ने एम्स पटना की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान लगातार बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है. यहां मरीजों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है.
इस अवसर पर एम्स पटना के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनूप कुमार ने सम्मान ग्रहण करते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीमवर्क और मरीजों के विश्वास का परिणाम है. उन्होंने कहा कि आगे भी एम्स पटना मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा.
बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के सीईओ शशांक शेखर सिन्हा ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना को सफल बनाने में अस्पतालों की महत्वपूर्ण भूमिका है. बेहतर समन्वय और पारदर्शिता से ही अधिक से अधिक लोगों तक इस योजना का लाभ पहुंचाया जा सकता है.
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में एम्स पटना में 21,383 मरीजों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराया, जो कुल मरीजों का करीब 36 प्रतिशत है. यह इस बात का संकेत है कि योजना पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है.
कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टर, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल हुए. सभी ने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने को लेकर अपने विचार साझा किए.



