बिहार में अभी नहीं जाएगी ठंड, कोहरा भी बनेगा परेशानी का कारण
दिन में धूप रात में ठंड का असर रहेगा जारी
फुलवारी शरीफ. बिहार में सोमवार को पटना सहित अधिकांश जिलों में दिन के समय अच्छी धूप देखने को मिली, लेकिन दोपहर बाद ठंडी हवा चलने से एक बार फिर ठंड का असर तेज हो गया. शाम ढलते ही सर्दी ने लोगों को कंपकंपी महसूस कराई, जबकि रात होते-होते ठंड और अधिक बढ़ गई. मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल सर्दी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है और आने वाले दिनों में भी सुबह-शाम ठंड और कोहरे का असर बना रहेगा.
बिहार राज्य के लिए जारी दैनिक मौसम विज्ञप्ति के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य का मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा. राज्य में अधिकतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस से 27.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. सबसे अधिक अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस कैमूर में जबकि सबसे कम 21.7 डिग्री सेल्सियस बांका में दर्ज किया गया.
न्यूनतम तापमान की बात करें तो राज्य का न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस से 13.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस सबौर, भागलपुर में रिकॉर्ड किया गया. पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में कोई विशेष परिवर्तन दर्ज नहीं किया गया.
मौसम विभाग के अनुसार भागलपुर में न्यूनतम दृश्यता महज 25 मीटर दर्ज की गई, जिससे सुबह और देर शाम वाहनों को लाइट जलाकर चलना पड़ा. पटना समेत कई जिलों में सुबह-सुबह और शाम के बाद कुहासा पूरे वातावरण को अपनी आगोश में ले ले रहा है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है.
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि अगले 7 दिनों तक प्रदेश का मौसम शुष्क बना रहेगा. अगले 2 दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों पर सुबह के समय हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाए रहने की संभावना है.
अगले 2 से 3 दिनों में राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद सुबह और रात में ठंड का असर बना रहेगा.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अभी सर्दी जाने वाली नहीं है और ठंड से बचाव में ही भलाई है. लोगों को गर्म कपड़े पहनना बंद नहीं करना चाहिए. खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है. देर रात ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है, ऐसे में सतर्कता बेहद जरूरी है.



