एम्स पटना में साइबर हाइजीन व डेटा सुरक्षा पर पहली बार जागरूकता कार्यक्रम
फुलवारी शरीफ,अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना में शुक्रवार को साइबर हाइजीन, साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल पर्सनल डेटा संरक्षण विषय पर अपनी तरह का पहला व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों, छात्रों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, डेटा गवर्नेंस तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम 2023 के तहत अनुपालन के प्रति जागरूक करना था.
कार्यक्रम की शुरुआत कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल के स्वागत संबोधन से हुई. उन्होंने चिकित्सा सेवाओं के तीव्र डिजिटलीकरण के दौर में साइबर जागरूकता को अत्यंत आवश्यक बताया.

तकनीकी सत्रों का परिचय उप संकाय प्रभारी आईटी डॉ. पल्लम गोपी चंद ने कराया. विशेषज्ञ सत्र में एल्विन एंटनी ने अधिनियम पर प्रस्तुति दी, जबकि सी-डैक पटना के वैज्ञानिक ‘सी’ साकेत झा ने साइबर लचीलापन निर्माण पर व्याख्यान दिया.
कार्यक्रम का समापन आईटी संकाय प्रभारी डॉ. अभ्युदय कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.वक्ताओं ने रोगियों के डेटा की सुरक्षा एवं डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बनाए रखने के लिए साइबर हाइजीन को अनिवार्य बताया.इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक अनूप कुमार, डीन (शैक्षणिक) प्रो. (डॉ.) पूनम भदानी एवं उप निदेशक (प्रशासन) नीलोत्पल बल सहित संकाय सदस्य, छात्र, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.



