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नववर्ष की सुबह अस्पताल में हंगामा. इलाज में लापरवाही और मनमानी वसूली का आरोप

महिला मरीज की मौत हो जाने के बाद भी इलाज के नाम पर झूठा उपचार का आरोप

चार घंटे बाद पुलिस ने कराया शव सुपुर्द

फुलवारी शरीफ, पटना. नववर्ष की सुबह फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के नया टोला एम्स रोड स्थित एक निजी अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. सूचना पर पहुंची पुलिस को स्थिति सामान्य कराने में करीब चार घंटे लग गए.

फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के नया टोला एम्स रोड स्थित लुमिना अस्पताल में नववर्ष की सुबह जमकर हंगामा हुआ. मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही, रोगी से न मिलने देने और मनमाने तरीके से रकम वसूलने का आरोप लगाया. आक्रोशित परिजन तीन लाख रुपये की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करने लगे.
परिजनों के अनुसार, नया टोला निवासी शाहजहां खातून, पति खुर्शीद आलम, को बीपी लो होने की शिकायत पर 20 दिसंबर को लुमिना अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल द्वारा पहले पैसा जमा कराकर इलाज शुरू किया गया. दो दिन बाद परिजनों ने इलाज महंगा होने की बात कहकर नाम कटवाने और मरीज को सरकारी अस्पताल ले जाने की इच्छा जताई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने नाम काटने से इनकार कर दिया.
आरोप है कि अस्पताल कर्मियों द्वारा बार-बार यह कहकर परिजनों को मरीज से मिलने नहीं दिया गया कि उसकी हालत गंभीर है. 25 दिसंबर को भी परिजनों ने मरीज को छोड़ने की मांग की, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने यह कहते हुए मना कर दिया कि बाहर ले जाने पर मरीज की मौत हो सकती है.
नववर्ष की सुबह अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को सूचना दी कि शाहजहां खातून की मौत हो गई है और चार लाख रुपये का बिल जमा करने के बाद ही शव दिया जाएगा. इस पर परिजन भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया. परिजनों का कहना था कि पहले ही अस्पताल में लाखों रुपये जमा किए जा चुके हैं और बिल नहीं देने पर शव रोक कर रखा गया है.
हंगामे की सूचना पर फुलवारी शरीफ थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने हालात को संभालने की कोशिश की और अस्पताल के एक कर्मी को पूछताछ के लिए थाना ले गई. पूछताछ में कर्मी ने बीती रात मरीज की मौत की पुष्टि की.
मामला गंभीर होता देख पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन को समझाया. करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद अस्पताल द्वारा मरीज के खाते में जमा एक लाख रुपये लौटाए गए और शव परिजनों को सौंपा गया. इसके बाद मामला शांत हुआ. परिजन शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए अपने घर रवाना हो गए.

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