व्हीलचेयर और कृत्रिम अंग देकर बढ़ाया हौसला.
दिव्यांगजन के सम्मान में एम्स पटना का विशेष सप्ताह.
फुलवारी शरीफ. अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस (3 दिसंबर) के अवसर पर एम्स पटना में दिव्यांगजन सप्ताह 29 नवंबर से 4 दिसंबर तक मनाया जा रहा है. सोमवार 1 दिसंबर को भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान और पुनर्वास पर व्यापक चर्चा हुई.इस मौके परकार्यकारी निदेशक ने दिव्यांगजनों से बातचीत कर उनकी जरूरतों, समस्याओं और अनुभवों को गहराई से समझा. एम्स पटना की ओर से दिव्यांगजन लाभार्थियों को 10 व्हीलचेयर, 6 कृत्रिम अंग और 6 ऑर्थोसिस प्रदान किए गए. सहायता सामग्री पाकर लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे.इस अवसर पर बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और उनके परिजन मौजूद रहे.
मुख्य संरक्षक के रूप में उपस्थित संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिग.) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि आत्मबल दिव्यांगजन की सबसे बड़ी शक्ति है. समाज को चाहिए कि वह हर दिव्यांग व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाए. मंच पर उपस्थित विशेषज्ञों और अधिकारियों ने भी दिव्यांगजनों की हौसला अफजाई की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
मौके पर बिहार सरकार की सामाजिक कल्याण विभाग की सचिव बंधना प्रेयसी, एम्स नई दिल्ली के पीएमआर विभागाध्यक्ष डॉ. संजय वाधवा, जेआईपीएमईआर पुडुचेरी के प्रो. (डॉ.) नवीन कुमार, प्रो. (डॉ.) पुनम प्रसाद भदानी, प्रो. (डॉ.) संजय पांडेय, प्रो. (डॉ.) रुचि सिन्हा, प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार, प्रो. (डॉ.) अनुप कुमार तथा उप निदेशक नीलोत्पल बल भी उपस्थित थे.कार्यक्रम का संचालन सह-आयोजक सचिव डॉ. सन्याल कुमार ने किया, जबकि स्वागत भाषण और समापन संबोधन आयोजक सचिव डॉ. अंजनी कुमार ने दिया.
दरअसल,एम्स पटना का पीएमआर विभाग हर वर्ष दिव्यांगजन सप्ताह का आयोजन करता है. इस दौरान जन-जागरूकता गतिविधियाँ, स्वास्थ्य परामर्श शिविर, पुनर्वास सेवाएँ, सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम और विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाते हैं. इस वर्ष भी विभाग ने एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की, जिसमें देशभर से विशेषज्ञ शामिल हुए. कार्यशाला का उद्देश्य बिहार में दिव्यांगता मूल्यांकन और प्रमाणन को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और सुलभ बनाना है.



