राजनीतिक दलों के पंजीकरण में बड़ी बदलाव — निर्वाचन आयोग शुरू करेगा ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रणाली
फुलवारी शरीफ.अजीत.
भारत निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों के पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. आयोग ने घोषणा की है कि 1 जनवरी 2020 से ‘राजनीतिक दल पंजीकरण ट्रैकिंग प्रबंधन प्रणाली’ (पीपीआरटीएमएस) लागू की जाएगी, जिसके माध्यम से राजनीतिक दल बनने के इच्छुक आवेदक अब अपने पंजीकरण आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे. यह जानकारी भारतीय लोकहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश शिक्षाविद का पर्यावरण विद् गुरुदेव श्री प्रेम ने दी. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पार्टी बी एल पी का पंजीकरण के लिए आवेदन दिया था लेकिन किसी कारणवश नहीं हो पाया.तब उन्हें पत्र भेजकर आयोग के तरफ से यह जानकारी दी गई है कि आगे से किसी भी आवेदन देने वाले व्यक्ति को उसकी पूरी जानकारी मिलती रहेगी और किसी तरह की दिक्कत सामने नहीं आएगी. इस जानकारी के संदर्भ में आयोग के अधिकारियों आर. के. मीणा, आर. एन. मीणा, एस. के. एस. और जी. आर. एस. द्वारा संयुक्त रूप से इस संबंध में सूचना जारी की गई है.
आयोग ने बताया कि नई प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आवेदकों को एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से आवेदन की अद्यतन स्थिति स्वतः मिलती रहेगी. इसके लिए आवेदक को आवेदन जमा करते समय अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल पता अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा.
दरअसल,निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों के पंजीकरण की वर्तमान प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए नए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, जिन्हें आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है.
राजनीतिक दलों का पंजीकरण जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के अंतर्गत किया जाता है. अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किसी भी राजनीतिक दल को अपने गठन की तिथि से 30 दिनों के भीतर आयोग को निर्धारित प्रारूप में आवेदन देना आवश्यक है. इसमें दल का नाम, पता, सदस्यता का विवरण, पदाधिकारियों की सूची और अन्य मूलभूत जानकारी सम्मिलित रहती है.
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों में आवेदन प्रक्रिया के कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को अद्यतन किया गया है, जिन्हें आवेदकों को ध्यानपूर्वक पालन करना होगा.



