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एम्स पटना ने हृदय पुनर्जीवन प्रशिक्षण देकर लोगों को बनाया ‘जीवन रक्षक’

फुलवारी शरीफ. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशन में मनाए जा रहे राष्ट्रव्यापी हृदय-पुनर्जीवन (सीपीआर) जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत एम्स पटना की टीम ने आम लोगों को जीवन बचाने की तकनीक सिखाने के लिए “हाथों से किया जाने वाला सीपीआर” प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया.

एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल के मार्गदर्शन में डॉ. दिवेंदु भूषण, डॉ. दीपक कुमार और नर्सिंग अधिकारी इंदरजीत सिंह यादव की टीम ने राज्य स्वास्थ्य समिति के तहत जिला अस्पताल का दौरा किया. वहाँ गैर-चिकित्सीय कर्मचारियों को सीपीआर तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.

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टीम ने बताया कि अचानक हृदय गति रुक जाने की स्थिति में समय पर सीपीआर देने से व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है, खासकर तब जब चिकित्सकीय सहायता पहुँचने में देर हो. प्रतिभागियों को अभ्यास कराकर यह सिखाया गया कि आपात स्थिति में वे आत्मविश्वास के साथ यह तकनीक कैसे अपनाएं.

इसी तरह का एक प्रशिक्षण सत्र होटल मौर्य, पटना में भी हुआ, जिसमें 40 से अधिक होटल कर्मचारियों ने भाग लिया. टीम ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में लोगों को हृदयाघात जैसी स्थितियों में त्वरित सहायता देने के लिए सक्षम बनाते हैं.

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डॉ. दिवेंदु भूषण ने कहा कि इन प्रशिक्षणों का उद्देश्य हर नागरिक को “जीवन रक्षक” बनाना है. उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर सहायता ही हृदय गति रुकने से होने वाली मौतों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है.

एम्स पटना द्वारा मनाया जा रहा यह सप्ताह समाज के हर वर्ग तक जीवन रक्षक ज्ञान पहुँचाने और आपात स्थितियों में जीवन रक्षा श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.

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