संजीवनी हनुमान मंदिर में जीर्णोद्धार के बाद भव्य अनुष्ठान,
आस्था और सौहार्द का अद्भुत संगम.
फुलवारी शरीफ,फुलवारी शरीफ- पटना-खगौल मुख्य सड़क पर स्थित वर्षों पुराने संजीवनी हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद पूरा इलाका भक्ति, उत्साह और सामाजिक सौहार्द की अनोखी मिसाल बन गया है. रंग-बिरंगी रोशनी, झालरों और फूल-पत्तियों से सजे मंदिर परिसर में “जय हनुमान, जय श्रीराम” के जयघोष लगातार गूंज रहे हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है.
चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के तहत 17 अप्रैल की रात से कार्यक्रम की शुरुआत हुई. 18 अप्रैल को 24 घंटे का अखंड कीर्तन प्रारंभ हुआ, जो 19 अप्रैल तक लगातार चलता रहा. कीर्तन के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर भजन-कीर्तन में शामिल हुए. दिन-रात लाउडस्पीकर के माध्यम से भक्ति गीतों की गूंज से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक माहौल में डूबा रहा.
कार्यक्रम में महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है. 17 अप्रैल की रात महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली. पटना के गंगा घाट से सिर पर कलश में गंगाजल लेकर महिलाएं 18 अप्रैल की सुबह मंदिर पहुंचीं, जिसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना शुरू हुई. श्रद्धालुओं का लगातार मंदिर में आना-जाना लगा हुआ है और लोग अपनी आस्था के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं.
यह मंदिर ऐसे स्थान पर स्थित है जिसके पास में ही
खोजा इमली (ख्वाजा बीबी की मजार ) है.दोनों धार्मिक स्थलों के बीचों बीच से चौहरमल नगर, कन्हैया नगर, एकता नगर, पूर्णेंदु नगर, मित्रमंडल कॉलोनी, कड़ौरी चक सहित कई मोहल्लों और गांवों का संपर्क मार्ग गुजरता है. इसी रास्ते से हारून नगर सेक्टर-3 आने-जाने का भी मुख्य मार्ग है. खास बात यह है कि मंदिर और मजार के बीच स्थित यह इलाका आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की मजबूत पहचान बनकर उभरा है, जहां दोनों समुदायों के लोग मिलजुल कर एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों का सम्मान करते हैं.
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष रामबाबू पासवान ने बताया कि 20 अप्रैल को प्राण प्रतिष्ठा के साथ अनुष्ठान की पूर्णाहुति होगी और इसके बाद भव्य भंडारा का आयोजन किया जाएगा. कमेटी के सदस्य लल्लू पासवान ने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की तैयारी की जा रही है.
इस आयोजन में कोषाध्यक्ष विष्णु पासवान सहित कई गणमान्य लोग सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के जीर्णोद्धार और इस भव्य आयोजन ने न सिर्फ आस्था को मजबूत किया है, बल्कि पूरे इलाके में एकता, भाईचारे और सामूहिक सहभागिता का सुंदर संदेश भी दिया है.



