“वृद्ध, विधवा और दिव्यांगों की पेंशन बढ़ाकर 1100 करना नीतीश कुमार की संवेदनशील सोच का परिचायक”
फुलवारी में जनजागरण अभियान के दौरान बोले पूर्व विधायक, कहा – 2025 में फिर बनाएं नीतीश को मुख्यमंत्री
अजीत यादव कि रिपोर्ट
फुलवारी शरीफ। जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अरुण मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनहितकारी योजनाओं को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के प्रति उनकी सरकार की संवेदनशीलता बेमिसाल है. उन्होंने कहा कि वृद्धजन, विधवा और दिव्यांगजनों की मासिक पेंशन को ₹400 से बढ़ाकर ₹1000 और आने वाले समय में ₹1100 करना यह दर्शाता है कि नीतीश सरकार सिर्फ वादे नहीं करती, धरातल पर काम करती है.जनसंपर्क कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे नीतीश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाएं और 2025 में फिर से जदयू को सत्ता में लाकर बिहार में विकास की रफ्तार बनाए रखे।

अरुण मांझी रविवार को फुलवारी विधानसभा क्षेत्र के बेऊर स्थित गंगा विहार कॉलोनी में “नीतीश के काम, नीतीश के नाम” अभियान के तहत आयोजित जनसंपर्क कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जनता अब यह भलीभांति समझ चुकी है कि बिहार को स्थायित्व, विकास और सामाजिक न्याय केवल नीतीश कुमार की अगुवाई में ही मिल सकता है. इसी विश्वास के साथ हम सभी ने 2025 में उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया है।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा चलाए जा रहे कई प्रमुख योजनाओं को लेकर जनता को जागरूक किया. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, छात्रा साइकिल योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, और कुशल युवा कार्यक्रम जैसे प्रयासों से राज्य में शिक्षा और रोजगार के नए द्वार खुले हैं. वहीं, हर घर नल का जल और शौचालय निर्माण योजनाओं ने ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाया है।

श्री मांझी ने यह भी कहा कि सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में जो व्यापक बदलाव हुए हैं, वह किसी एक नेता की दूरदृष्टि और समर्पण से ही संभव हो सकता है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जात-पात और मजहब से ऊपर उठकर हर वर्ग के लिए काम किया है।

इस मौके पर कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा, महिलाएं और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे. प्रमुख रूप से सुमित कुशवाहा, सतीश सिंह, सोनू कुमार, भवानी सिंह, बालेन्द्र शर्मा, नवीन बाबू, ओमप्रकाश सिंह, हेमंत कुमार सिंह, मनोज कुमार, जयशंकर प्रसाद, अरुण कुमार (वकील), रामानुज सिंह, शंभू शर्मा, शक्ति प्रकाश और बेलचा सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



