BiharENTERTAINMENTHEALTHLife StyleNationalPatna

नए साल के पहले घंटे में मानवता की जीत. गुड समैरिटन एक्ट बना जीवन रक्षक

एम्स पटना के डॉक्टर ने सड़क पर बचाई जान.

फुलवारी शरीफ, पटना. नए वर्ष 2026 की शुरुआत जहां जश्न और उत्साह के साथ हो रही थी, वहीं पहले ही घंटे में मानवता की एक मिसाल सामने आई. एम्स पटना के ट्रॉमा सर्जरी एवं क्रिटिकल केयर विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार ने समय पर हस्तक्षेप कर सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक युवक की जान बचा ली. गुड समैरिटन एक्ट के तहत की गई इस निस्वार्थ मदद ने यह साबित कर दिया कि सही वक्त पर उठाया गया एक कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है.

नए साल की रात करीब 12.30 बजे, प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार अपने पुत्र श्री आदिर अनिलाभ के साथ दानापुर ओवरब्रिज के रास्ते घर लौट रहे थे. इसी दौरान उन्होंने सड़क किनारे एक गिरी हुई मोटरसाइकिल देखी, जिसका पहिया अब भी घूम रहा था. स्थिति को भांपते हुए उन्होंने वाहन धीमा किया तो सड़क के बीचों-बीच खून से लथपथ अवस्था में एक अचेत व्यक्ति को पड़ा पाया.
घर पहुंचने की जल्दी के बावजूद, पुत्र की प्रेरणा पर प्रो. कुमार तुरंत रुके और घायल की मदद के लिए आगे बढ़े. उन्होंने पहले घटनास्थल को सुरक्षित किया और घायल को सड़क के बीच से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. घायल किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था.
प्री-हॉस्पिटल ट्रॉमा केयर के सिद्धांतों का पालन करते हुए प्रो. कुमार ने सर्वाइकल स्पाइन को स्थिर किया, जॉ-थ्रस्ट तकनीक से वायुमार्ग खोला और अत्यधिक रक्तस्राव रोकने के लिए प्रेशर बैंडेज लगाया. साथ ही आसपास मौजूद लोगों से पुलिस को सूचना देने को कहा और स्वयं एम्स पटना की एम्बुलेंस को फोन कर ट्रॉमा टीम को अलर्ट किया.
पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद, इनलाइन स्पाइनल इममोबिलाइजेशन के साथ घायल को सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाया गया. एम्स पटना की ट्रॉमा टीम ने तत्काल मरीज को रिसीव कर त्वरित जांच और उपचार शुरू किया. अगले ही दिन मरीज की हालत में उल्लेखनीय सुधार देखा गया.
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार ने कहा कि आम नागरिकों द्वारा समय पर उठाए गए छोटे कदम भी ट्रॉमा जैसी आपात स्थितियों में जीवन रक्षक साबित हो सकते हैं. उन्होंने बिना किसी डर के सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने और गुड समैरिटन सिद्धांत को अपनाने की अपील की.
उन्होंने बताया कि इस जीवन रक्षा में मुख्य भूमिका निभाने वाले कदमों में घायल को सुरक्षित स्थान पर ले जाना, पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना देना, ट्रॉमा टीम को पहले से सक्रिय करना, रक्तस्राव नियंत्रित करना और सुरक्षित परिवहन शामिल रहा.
अगली सुबह एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक ब्रिगेडियर प्रो. (डॉ.) राजू अग्रवाल और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुप कुमार ने मरीज और उसके परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने प्रो. अनिल कुमार और पूरी ट्रॉमा टीम को उनके सराहनीय प्रयासों के लिए बधाई दी और आम लोगों से गुड समैरिटन बनकर सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button