फुलवारी शरीफ, अजीत: बामेती परिसर में आयोजित दो दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 का रविवार को समापन हुआ. भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम के दूसरे दिन बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे तक कार्यकर्ताओं को संबोधित कर संगठन को मजबूत करने का गुरु मंत्र दिया.
समापन सत्र में बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव भी मौजूद रहे. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी की विचारधारा को हर समुदाय और हर वर्ग के लोगों तक मजबूती से पहुंचाना है. युवाओं को पार्टी से जोड़ने, पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन को सक्रिय रखने तथा सरकार की योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया.
सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मान और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत हैं और उन्हीं के बूते बिहार में सरकार बनी है. सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है.
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर जनता को परेशानी हो रही हो तो पार्टी मंच से लेकर सरकार के स्तर तक बात पहुंचाई जाए. थाना, अंचल, प्रखंड और अन्य प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय 24 घंटे काम कर रहा है, जिसका लाभ आम लोगों तक पहुंचाना जरूरी है.
सम्राट चौधरी ने कार्यकर्ताओं से बिहार के गौरवशाली इतिहास को पुनः स्थापित करने और विकसित बिहार के निर्माण के लिए तन-मन से जुट जाने का आह्वान किया. कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं के लिए शुद्ध शाकाहारी भोजन की व्यवस्था भी की गई थी.
इस मौके पर रामकृपाल यादव ने कहा कि बिहार के सभी जिलों में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. प्रशिक्षण का उद्देश्य पार्टी की नीति, संगठन की सोच, सिद्धांत और कार्यशैली को धारदार बनाना है. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को अनुशासित रहकर सरकार की योजनाओं और संगठन के कार्यों को गांव-गांव तक पहुंचाना है.
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में 11 अलग-अलग वर्गों में चर्चा की गई और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक मजबूती, अनुशासन तथा जनसंपर्क के गुर सिखाए. विक्रम ग्रामीण क्षेत्र में भी दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है, जहां कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीति-नीति और सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी दी जा रही है.
कार्यक्रम में मीडिया के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रखा गया था. मीडिया कर्मियों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई और मुख्यमंत्री ने मीडिया को संबोधित भी नहीं किया. अंदर केवल कार्यकर्ताओं के बीच संगठनात्मक चर्चा और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री वापस लौट गए.



