क्रिकेट खेलने के दौरान विवाद में किशोर की मौत, अस्पताल में परिजनों का बवाल
आईसीयू से शव निकाल सड़क पर रखा, तोड़फोड़ और मारपीट, आरोपी बालक निरुद्ध.
फुलवारी शरीफ: फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के टहल टोला इलाके में 26.04.26 (सोमवार) की संध्या क्रिकेट खेलने के दौरान हुए विवाद में गंभीर रूप से घायल 14 वर्षीय किशोर विशाल चौहान की इलाज के दौरान अगले दिन 27.04.26 (मंगलवार) को मौत हो गई. घटना के बाद जहां एक तरफ इलाके में शोक और तनाव का माहौल कायम हो गया, वहीं दूसरी ओर अस्पताल में परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और जमकर हंगामा, तोड़फोड़ व मारपीट की घटना सामने आई.
जानकारी के अनुसार सोमवार की शाम फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के टहल टोला में मोहल्ले के बच्चे और किशोर आपस में मैदान में क्रिकेट खेल रहे थे. खेल के दौरान ही किसी बात को लेकर बच्चों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुरुआत में यह मामूली नोकझोंक थी, लेकिन धीरे-धीरे विवाद बढ़ता चला गया. इसी दौरान टहल टोला निवासी रजनीश झा (उम्र करीब 16 वर्ष), पिता नरेश झा, अपने 4-5 साथियों के साथ वहां पहुंचा और विवाद में कूद पड़ा.
आरोप है कि रजनीश झा ने गाली-गलौज करते हुए खेल रहे बच्चों से उलझना शुरू कर दिया और देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया. इसी क्रम में उसने क्रिकेट बैट उठाकर विशाल चौहान के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया. एक के बाद एक कई वार होने से विशाल गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा और बेहोश हो गया. घटना के बाद मैदान में अफरा-तफरी मच गई और बच्चे इधर-उधर भागने लगे.
विशाल के साथ मौजूद दोस्तों ने तुरंत उसके परिजनों को सूचना दी. सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और खून से लथपथ हालत में पड़े विशाल को आनन-फानन में उठाकर इलाज के लिए पटना के राजा बाजार स्थित पारस अस्पताल ले गए. अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई और उसे आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. परिजन पूरी रात अस्पताल में डटे रहे, लेकिन इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई.
मृतक विशाल चौहान, पिता ऋषि चौहान, मूल रूप से नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत परि ऑन विष्णुपुरा गांव का रहने वाला था और वर्तमान में अपने परिवार के साथ टहल टोला में रह रहा था. परिजनों के अनुसार वह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था, जिसकी मौत के बाद घर में कोहराम मच गया है.
इधर मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में मौजूद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा मौत की सही जानकारी समय पर नहीं दी गई और इलाज के नाम पर लगातार पैसे की मांग की जाती रही. इसी बात को लेकर आक्रोशित परिजन भड़क उठे. गुस्साए लोग आईसीयू वार्ड में घुस गए और अपने बेटे के शव को बेड सहित बाहर सड़क पर ले आए.
इसके बाद अस्पताल परिसर और बाहर सड़क पर जमकर हंगामा शुरू हो गया. परिजनों और उनके समर्थकों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की, स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना भी सामने आई. अस्पताल के अंदर कुर्सियां, कांच और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया गया. बाहर सड़क पर शव रखकर लोगों ने विरोध जताया, जिससे कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ और वहां भारी भीड़ जुट गई.अस्पताल में खड़े कई वाहनों को तोड़फोड़ किया गया.
हंगामे के दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया. वहां भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई और कई लोग खुद को सुरक्षित जगहों पर ले जाने लगे. स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी.
घटना की सूचना मिलते ही शास्त्रीनगर थाना और फुलवारी शरीफ थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद हालात को काबू में किया और परिजनों को समझाकर शांत कराया. इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.
इस संबंध में मृतक के मामा ओम प्रकाश एवं परिजन राम बालक चौहान द्वारा फुलवारी शरीफ थाना में लिखित आवेदन दिया गया है. आवेदन के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बालक रजनीश झा को निरुद्ध कर लिया है.
पुलिस ने फुलवारी शरीफ थाना कांड संख्या 727/26, दिनांक 26.04.26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 115(2), 118(1), 109, 352, 251(2), 2(3), 3(5) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर ली है. पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
फुलवारी शरीफ थाना अध्यक्ष गुलाम शाहबाज आलम ने बताया कि आरोपी को निरुद्ध कर लिया गया है और दोनों पहलुओं—युवक की मौत और अस्पताल में हुए हंगामे—की अलग-अलग जांच की जा रही है. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है, वहीं बच्चों के बीच बढ़ती आक्रामकता और छोटे विवाद के हिंसक रूप लेने को लेकर लोगों में चिंता और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है.



