रंगों की पाठशाला में खिलखिलाए नन्हे कदम, खेल-खेल में सीख का अनोखा संसार.
फुलवारी शरीफ,
शहर के प्रेमालोक मिशन स्कूल में नर्सरी, एलकेजी एवं यूकेजी के नन्हे-मुन्ने बच्चों के बीच रंगों की दुनिया को समझाने के लिए एक अनोखी और जीवंत गतिविधि का आयोजन किया गया, जहां बच्चों ने खेल-खेल में रंगों के महत्व को सीखा और अपनी रचनात्मकता का खूबसूरत प्रदर्शन किया.यह अनोखी पहल न सिर्फ बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक रही, बल्कि यह भी साबित किया कि शिक्षा अगर आनंद के साथ दी जाए तो उसका प्रभाव और भी गहरा होता है.
इस खास गतिविधि में बच्चों ने कागज पर रंग-बिरंगे चित्र बनाकर रंगों की प्रस्तुतीकरण का अभ्यास किया. किसी ने वृत्त, किसी ने त्रिकोण तो किसी ने फूल-पत्तियों के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को रंगों में ढाल दिया. पूरे परिसर में बच्चों की हंसी, उत्साह और रंगों की चमक ने माहौल को बेहद खुशनुमा बना दिया.
स्कूल के निदेशक एवं प्रख्यात पर्यावरणविद सह शिक्षाविद गुरुदेव श्री प्रेम ने बताया कि बच्चों को रंगों के महत्व को समझाने के लिए उन्हें प्राकृतिक वातावरण में भी ले जाया गया, जहां उन्होंने बगीचे में खिले रंग-बिरंगे फूलों को नजदीक से देखा और उनके रंग, नाम व महत्व के बारे में जाना. इस दौरान बच्चों को प्रकृति से जोड़ते हुए सीखने का एक नया अनुभव दिया गया.
उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों के मानसिक विकास, रचनात्मकता और सीखने की क्षमता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं. जब बच्चे खेल-खेल में सीखते हैं, तो वह ज्ञान लंबे समय तक उनके साथ रहता है.
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें रंगों के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया. पूरे आयोजन में बच्चों की मासूम मुस्कान और सीखने की ललक ने सभी का मन मोह लिया.



