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लावारिस कुत्तों का आतंक, चार दिनों में 140 लोग शिकार

फुलवारी शरीफ.
राजधानी पटना के संपतचक आंचल में लावारिस और आवारा कुत्तों का आतंक तेजी से बढ़ता जा रहा है. पिछले चार दिनों के भीतर 140 से अधिक लोगों को कुत्तों ने काट लिया है. अलग-अलग इलाकों से घायल लोग लगातार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संपतचक और अन्य अस्पतालों में रेबीज का टीका लगवाने पहुंच रहे हैं.
स्वास्थ्य केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 16 फरवरी से 20 फरवरी 2026 के बीच 140 से ज्यादा लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन और इम्यूनोग्लोबुलिन दिया गया है. सोमवार को अकेले पीएचसी संपतचक में 48 लोगों को टीका लगाया गया. अस्पताल में सुबह ओपीडी खुलने से पहले ही लोगों की लंबी कतार लग जा रही है.
संपतचक अंचल के बैरिया, कर्णपुरा, ताररनपुर, कंडा प, हंडेर, उदयपुर, अवस्थीचक, फैयेहापुर और गौरीचक सहित कई गांवों में कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आई हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि ज्यादातर शिकार बच्चे और बुजुर्ग हो रहे हैं. स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को लेकर अभिभावकों में दहशत का माहौल है. लोग घर से बाहर निकलते समय चारों ओर देखकर चलने को मजबूर हैं.
पीएचसी संपतचक की प्रभारी डॉ. रेणु कुमारी ने बताया कि रोजाना बड़ी संख्या में लोग रेबीज का टीका लेने पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि अभी तक किसी विशेष कारण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सड़कों पर मरे हुए पशुओं के अवशेष फेंके जाने से कुत्तों के आक्रामक व्यवहार में वृद्धि हो सकती है. कुछ कुत्तों के व्यवहार की जांच की जा रही है.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अविलंब कार्रवाई की मांग की है. कई लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और नियंत्रण में लेने की मांग की है ताकि आम जनता को राहत मिल सके. पंचायत और नगर निकाय से समन्वय कर पशु नियंत्रण और सफाई अभियान चलाने की जरूरत बताई गई है.
स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि किसी भी काटने की घटना पर तुरंत घाव को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करें और बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर टीकाकरण कराएं. समय पर इलाज ही रेबीज से बचाव का एकमात्र उपाय है.
संपतचक में बढ़ते कुत्ता आतंक ने आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना है कि प्रशासन इस चुनौती से निपटने के लिए कितनी तेजी से ठोस कदम उठाता है.

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