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दही खाकर पुरुष वर्ग में पटना के कुलकुल कुमार और महिला वर्ग में रोजी परवीन ने जीता पहला पुरस्कार.

फुलवारीशरीफ. बिहार की लोक परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े ग्रामीण खेलों को नई पीढ़ी के बीच जीवंत बनाए रखने और स्वस्थ मनोरंजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वैशाल पाटलिपुत्र दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, पटना डेयरी प्रोजेक्ट (सुधा डेयरी) की ओर से आयोजित “दही खाओ इनाम पाओ” प्रतियोगिता में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. तीन मिनट की इस अनोखी प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग में पटना निवासी कुलकुल कुमार ने 3 किलो 105 ग्राम दही खाकर प्रथम पुरस्कार अपने नाम किया, जबकि महिला वर्ग में पटना के अनीसाबाद स्थित अलीनगर की रोजी परवीन ने 3 किलो 340 ग्राम दही खाकर बाजी मारी. ठंड के बावजूद प्रतियोगिता को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग उमड़ पड़े.
मंगलवार को पटना डेयरी प्रोजेक्ट, फुलवारीशरीफ परिसर में आयोजित इस प्रतियोगिता की शुरुआत वर्ष 2011 में की गई थी, जो वर्ष 2026 में भी पूरे उत्साह के साथ आयोजित हुई. प्रतियोगिता में बिहार, झारखंड समेत अन्य राज्यों से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया. दही खाने के लिए तीन मिनट का समय निर्धारित था, जिसमें 400 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.
पुरुष वर्ग में सदीशोपुर, पटना के अनिल कुमार ने 3 किलो 75 ग्राम दही खाकर द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि संपतचक, पटना के अजीत कुमार ने 2 किलो 925 ग्राम दही खाकर तृतीय स्थान हासिल किया.

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महिला वर्ग में बाजार समिति, पटना की सुनीता देवी ने 3 किलो 325 ग्राम दही खाकर द्वितीय और कंकड़बाग, पटना की ज्योत्सना कुमारी ने 3 किलो 305 ग्राम दही खाकर तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया.
वरिष्ठ नागरिक पुरुष वर्ग में दानापुर, पटना के हरेन्द्र राय ने 3 किलो 550 ग्राम दही खाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया. जहानाबाद के प्रणय शंकर कांत ने 2 किलो 885 ग्राम दही खाकर द्वितीय, जबकि बिरला कॉलोनी, पटना के मो. खुर्शीद आलम ने 2 किलो 875 ग्राम दही खाकर तृतीय पुरस्कार जीता.
वरिष्ठ नागरिक महिला वर्ग में राजीव नगर, पटना की मधु देवी ने 2 किलो 450 ग्राम दही खाकर प्रथम, राजेन्द्र नगर की विभा देवी ने 1 किलो 455 ग्राम दही खाकर द्वितीय तथा अनिसाबाद की आशा देवी ने 1 किलो 54 ग्राम दही खाकर तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पटना डेयरी प्रोजेक्ट के अध्यक्ष संजय कुमार ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि सुधा की गुणवत्ता पर उपभोक्ताओं का अटूट विश्वास है. दूध संग्रह से लेकर पैकेजिंग तक पूरी प्रक्रिया में शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है और इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को मिलता है.
पटना डेयरी प्रोजेक्ट के प्रबंध निदेशक रूपेश राज ने बताया कि यह प्रतियोगिता पिछले 15 वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है. उन्होंने कहा कि वैशाल पाटलिपुत्र दुग्ध संघ का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को संघ से जोड़कर उन्हें समृद्ध और खुशहाल बनाना है. प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया.
सभी विजयी प्रतिभागियों को संघ के अध्यक्ष संजय कुमार, प्रबंध निदेशक रूपेश राज, निदेशक मंडल सदस्य बासुकीनाथ सिंह एवं कामता यादव द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए. इस अवसर पर पटना डेयरी प्रोजेक्ट के सभी पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे.

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