“हरिजन” की तरह “बाहुबली” शब्द पर भी लगे रोक*नागेश्वर स्वराज का मुख्यमंत्री से अपील
फुलवारी शरीफ: बिहार में सामाजिक न्याय और संवैधानिक मर्यादाओं के प्रति प्रतिबद्ध “सरदार पटेल दशरथ मांझी स्मृति एवं अंतरराष्ट्रीय सामाजिक शोध अभियान” ने आज एक महत्वपूर्ण मांग रखते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है.संगठन के संयोजक नागेश्वर सिंह स्वराज ने अपील किया है कि जैसे “हरिजन” शब्द पर संवैधानिक भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रतिबंध लगाया गया, वैसे ही “बाहुबली” शब्द के सार्वजनिक और राजनीतिक प्रयोग पर भी तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए.इससे बिहार सरकार की न्यायपरक और सकारात्मक छवि को और मजबूती मिलेगी.
संगठन ने मुख्यमंत्री से कहा है कि “न्याय के साथ विकास” की नीति तथा ”क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज़्म” के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस की आपकी नीति सराहनीय और प्रेरणादायक रही है. इसी क्रम में हम एक अत्यंत गंभीर भाषाई और सामाजिक मुद्दे की ओर आपका ध्यान आकृष्ट करना चाहते हैं.

संगठन का मानना है कि “बाहुबली शब्द का इस्तेमाल अब अपराधियों के लिए गौरवसूचक शब्द की तरह होने लगा है, जो समाज में अपराध की छवि को वीरता का जामा पहनाता है. यह न केवल आम नागरिकों में भय उत्पन्न करता है, बल्कि युवाओं को भी ग़लत प्रेरणा देता है.” पत्र में कहा गया है कि “बाहुबली” जैसे शब्द लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करते हैं और अपराधियों के सामाजिक स्वीकार्यता को बढ़ाते हैं.यह लोकतांत्रिक चेतना से समृद्ध बिहार जैसे राज्य में एक चिंताजनक प्रवृत्ति है.
ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद सभापति को भी भेजी गई है.



