इमरजेंसी में भी नहीं हो पाईं भर्ती, शिक्षक संघ ने सरकार से मेडिकल सुविधा की मांग की.
फुलवारी शरीफ :
राजधानी पटना स्थित एम्स में इलाज को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. पटना जिला महासचिव, शिक्षक संघ बिहार ने संपतचक नगर परिषद के वार्ड नंबर 1 के वार्ड पार्षद अभय आर्य की माता प्रमिला देवी की मौत का आरोप समय पर इलाज नहीं मिलने के लिए एम्स प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है वहीं शिक्षिका के परिजनों का कहना है कि इमरजेंसी हालत में एम्स पटना पहुंचने के बावजूद डॉक्टरों ने भर्ती नहीं किया, जिससे उनकी गाड़ी में ही मौत हो गई.
जानकारी के अनुसार प्रमिला देवी को बीते 4 जनवरी 2026 को गंभीर अवस्था में एम्स पटना लाया गया था. परिजनों का आरोप है कि काफी मिन्नतें करने, हाथ-पैर जोड़ने के बावजूद डॉक्टरों ने उन्हें इमरजेंसी में भर्ती करने से इनकार कर दिया. समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उन्होंने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया.
मृतका संपत चक नगर परिषद के वार्ड संख्या 1 के पार्षद की मां भी थीं. घटना के बाद शिक्षक समाज में गहरा आक्रोश है. शिक्षक संघ बिहार के जिला अध्यक्ष ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जवाबदेही तय करने की मांग की है.
शिक्षक संघ का कहना है कि जो शिक्षक बिहार के शोषित और गरीब बच्चों को शिक्षा की रोशनी दे रहे हैं, उन्हें और उनके परिजनों को किसी प्रकार की समुचित मेडिकल सुविधा नहीं मिल पा रही है. इलाज के अभाव और अस्पतालों की मनमानी के कारण शिक्षक अपने परिजनों को लगातार खो रहे हैं.
संघ ने बिहार सरकार और शिक्षा मंत्री से मांग की है कि शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए विशेष मेडिकल सहायता व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.



