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वोटर लिस्ट विशेष पुनरीक्षण अभियान के खिलाफ पटना में राज्य स्तरीय जनसुनवाई ग्रामीणों ने गिनाई परेशानियां


मतदाता पहचान में आधार लिंक की अनिवार्यता, महिला और बुजुर्गों की पहचान पर उठे सवाल

पटना/फुलवारी. अजीत। वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के खिलाफ सोमवार को पटना के बी आई ए हॉल में राज्यस्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई, जिसमें बिहार के 14 जिलों — पटना, कटिहार, मधेपुरा, सुपौल, दरभंगा, सीवान, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, वैशाली, कैमूर, रोहतास, नवादा और बक्सर — से आए ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीएलओ द्वारा पहचान के लिए केवल आधार कार्ड को ही मान्य माना जा रहा है, जबकि चुनाव आयोग के नियमों में 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों की अनुमति है। कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें न तो अभियान की जानकारी दी गई, न ही फॉर्म भरते समय सही दस्तावेजों का उल्लेख किया गया। जनसुनवाई में महिलाओं, बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के साथ हुए व्यवहार को लेकर विशेष आपत्ति जताई गई। ग्रामीणों ने कहा कि उनसे मायके के कागज़, पति की मृत्यु का प्रमाण, और अन्य कठिन दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जो उनके पास नहीं हैं।

कार्यक्रम में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अंजना प्रकाश, पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्ला, अर्थशास्त्री प्रो. ज्यां द्रेज, समाजशास्त्री प्रो. नंदिनी सुंदर, सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज, निखिल डे, पत्रकार रोशन किशोर, लेखक पीयूष पुंज, पूर्व प्रोफेसर अरविंद मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार पंकज भूषण, अधिवक्ता प्रभाकर आनंद, सीपीआई नेता मृत्युंजय कुमार, जामिया प्रोफेसर ओंकार नाथ, रमाशंकर, बिहार विश्वविद्यालय के प्रो. संतोष, एक्टिविस्ट निशा कुमारी, शीतल कुमारी, आरती कुमारी, अंकिता, अनीशा अंसारी, समाजसेवी राजीव यादव, भाकपा नेता सुनील, हरेंद्र, मुन्ना, किसान नेता अनिल यादव, छात्र नेता मनीष, मानवाधिकार कार्यकर्ता रोशन, रवि भूषण, मो. फारूक, शब्बीर, नसीम, और सुनील आदि शामिल हुए।

सभी वक्ताओं ने इस अभियान को त्रुटिपूर्ण, भेदभावपूर्ण और संविधान के मूल्यों के खिलाफ बताया। वक्ताओं ने कहा कि यह कवायद देश के सबसे कमजोर तबकों को वोट के अधिकार से वंचित करने की साजिश है। कार्यक्रम का आयोजन भारत जोड़ो अभियान, जन जागरण शक्ति संगठन, कोसी नव निर्माण मंच, जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय, और अन्य नागरिक संगठनों की ओर से संयुक्त रूप से किया गया।

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