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रमजान इंसानियत, संयम और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देता है : अमीर-ए-शरीयत

फुलवारी शरीफ: (अजीत) पवित्र रमजान महीने के आगमन के अवसर पर मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी ने देश और दुनिया के मुसलमानों के नाम अहम संदेश जारी किया है. उन्होंने कहा कि रमजान सिर्फ रोज़ा और इबादत तक सीमित नहीं है बल्कि यह इंसान को आत्मसंयम, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाता है.
उन्होंने कहा कि रमजान अल्लाह की रहमत, माफी और आत्मसुधार का महीना है. यह महीना इंसान को अपने चरित्र को बेहतर बनाने, अनुशासन अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर देता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि रमजान के दौरान अपने व्यवहार, भाषा और लेन-देन में ईमानदारी और सच्चाई को अपनाएं.
अमीर-ए-शरीयत ने कहा कि रमजान का असली उद्देश्य तभी पूरा होता है जब रोज़ा रखने वाला व्यक्ति अपने परिवार, पड़ोस और समाज में अच्छा उदाहरण पेश करे. उन्होंने कहा कि रोज़ा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है बल्कि यह गुस्सा, नफरत और गलत व्यवहार से बचने का अभ्यास भी है. उन्होंने कहा कि अच्छे व्यवहार और विनम्रता से ही समाज में आपसी भरोसा मजबूत होता है.
उन्होंने वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज दुनिया में भय, घृणा और असहिष्णुता का माहौल बढ़ रहा है. ऐसे समय में मुसलमानों की जिम्मेदारी है कि वे धैर्य, शांति और कानून का सम्मान करते हुए सकारात्मक नागरिक की भूमिका निभाएं. उन्होंने कहा कि अफवाह, नफरत और विवाद से दूर रहकर समाज में भाईचारा और सद्भाव बढ़ाने की जरूरत है.
शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि समाज में धार्मिक और आधुनिक शिक्षा के बीच संतुलन होना चाहिए. उन्होंने कहा कि रमजान के दौरान कुरान को समझने, उसके अर्थों पर चिंतन करने और बच्चों को नैतिक शिक्षा देने पर विशेष ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि हर घर को शिक्षा और नैतिक मूल्यों का केंद्र बनाना समय की जरूरत है.
आर्थिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि समाज में जरूरत से ज्यादा खर्च और कर्ज लेने की प्रवृत्ति बढ़ रही है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे फिजूलखर्ची से बचें और मेहनत तथा ईमानदारी से कमाई करने की आदत अपनाएं. उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की मदद करना रमजान की सबसे बड़ी सीख है और इससे समाज में समानता और सहयोग की भावना मजबूत होती है.
सामाजिक जिम्मेदारी पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि रमजान के दौरान लोगों को अपने पड़ोसियों और समाज के कमजोर वर्गों का विशेष ख्याल रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों की मदद सम्मान के साथ और बिना दिखावा किए करनी चाहिए. उन्होंने सोशल मीडिया पर भड़काऊ और गलत संदेश फैलाने से बचने की भी अपील की.
इस मौके पर इमारत ए शरिया ने भी देश में शांति, एकता और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की. संस्था ने लोगों से आग्रह किया कि रमजान के दौरान दुआ, सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा दें और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने में योगदान करें.
अंत में अमीर-ए-शरीयत ने दुआ की कि यह रमजान लोगों के जीवन में नैतिक सुधार, सामाजिक सद्भाव और इंसानियत की भावना को मजबूत करे. उन्होंने कहा कि रमजान का असली संदेश लोगों को बेहतर इंसान बनाना और समाज में शांति तथा भाईचारा स्थापित करना है.

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