बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित
फुलवारी शरीफ. बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के अंतर्गत संचालित बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय एवं संजय गांधी गव्य प्रौद्योगिकी संस्थान में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय के बैचलर इन वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंडरी (B.V.Sc & A.H.) के 73, बैचलर ऑफ पोल्ट्री प्रोडक्शन के 24 तथा संजय गांधी गव्य प्रौद्योगिकी संस्थान के बी.टेक डेयरी टेक्नोलॉजी के 52 विद्यार्थियों का औपचारिक दीक्षारंभ किया गया.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार जिस तेजी से विकास कर रहा है, उसमें पशुपालन, डेयरी एवं सहायक क्षेत्रों का महत्वपूर्ण योगदान है. ये क्षेत्र न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हैं, बल्कि रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को स्वरोजगार अपनाने और उद्यम स्थापित कर एंटरप्रेन्योर बनने के लिए प्रेरित किया.
पोल्ट्री साइंस के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम पोल्ट्री सेक्टर की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे रोजगार की व्यापक संभावनाएं सृजित होंगी. उन्होंने छात्रों को अनुशासन में रहकर नियमों के दायरे में अध्ययन करने की सलाह दी और कहा कि अनुशासन ही छात्र का सबसे बड़ा गहना है, जिससे व्यक्तित्व का समग्र विकास होता है.
बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. जे.के. प्रसाद ने कहा कि छात्र ही शिक्षकों की मेहनत को सार्थक बनाते हैं. विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए और स्वयं को समय तथा उद्योग की मांग के अनुरूप तैयार करना चाहिए.
संजय गांधी गव्य प्रौद्योगिकी संस्थान के डीन डॉ. उमेश सिंह ने कहा कि डेयरी क्षेत्र में हर वर्ष विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है, जो इस क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है. उन्होंने छात्राओं की बढ़ती भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे डेयरी सेक्टर में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया.
छात्र कल्याण पदाधिकारी डॉ. ए.के. शर्मा ने कहा कि सभी विद्यार्थी भिन्न-भिन्न पृष्ठभूमि से आए हैं, लेकिन अब सभी को एक साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना है. उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ अध्ययन करने के साथ-साथ खेल, कला, नृत्य एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भाग लेकर सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने की सलाह दी.
इस अवसर पर बी.वी.एस.सी. एंड ए.एच. के अकादमिक कोऑर्डिनेटर डॉ. अजित कुमार ने वेटरनरी स्नातक पाठ्यक्रम से संबंधित अकादमिक रेगुलेशन, कोर्स की अवधि, उपस्थिति की अनिवार्यता एवं स्टाइपेंड की विस्तृत जानकारी दी. वहीं डॉ. सूर्यमणि ने डेयरी टेक्नोलॉजी तथा डॉ. कौशलेन्द्र ने पोल्ट्री प्रोडक्शन स्नातक पाठ्यक्रम की जानकारी छात्रों को दी.
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन चीफ वार्डन डॉ. रत्नेश कुमार चौधरी ने किया. इस अवसर पर दोनों महाविद्यालयों के विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.



