फुलवारी शरीफ में एसबीआई एटीएम से लाखों की ठगी हेल्पलाइन नंबर के नाम पर शातिर गिरोह का लिखा नंबर
पुलिस और बैंक की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल.
फुलवारी शरीफ : फुलवारी शरीफ में एक बार फिर एटीएम फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है. शातिर ठग एटीएम मशीन के अंदर फर्जी हेल्पलाइन नंबर लिखकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं. कार्ड फंसने पर लोग उस नंबर को बैंक का आधिकारिक हेल्पलाइन समझकर कॉल कर देते हैं और फिर धोखे से उनका पिन नंबर लेकर खाते से लाखों रुपये उड़ा लिए जाते हैं.
टमटम पड़ाव स्थित एसबीआई एटीएम से 1 लाख 12 हजार 500 की ठगी.
पहला मामला टमटम पड़ाव के पास स्थित एसबीआई एटीएम का है. रेशमा, पिता रईस उद्दीन, पति मोहम्मद मेहंदी हसन, निवासी फुलवारी शरीफ ने थाना में शिकायत दर्ज कराई है.
दर्ज आवेदन में बताया गया है कि उनका एसबीआई में खाता संख्या 33237843562 है. दिनांक 12 फरवरी 2026 को सुबह करीब 11 बजे उनके भाई नौशाद आलम एटीएम कार्ड लेकर टमटम पड़ाव के निकट एसबीआई एटीएम से पैसा निकालने गए थे. इसी दौरान कार्ड मशीन में फंस गया.
एटीएम के अंदर लिखे हेल्पलाइन नंबर 9570792837 पर कॉल करने पर उधर से खुद को कंपनी का कर्मचारी बताकर बात की गई. शातिर ने विश्वास में लेकर कहा कि पिन डालने से कार्ड बाहर निकल जाएगा. जैसे ही पिन डाला गया, खाते से 1 लाख 12 हजार 500 रुपये की निकासी हो गई.
नया टोला जमा मस्जिद एटीएम से 99 हजार की निकासी.
दूसरा मामला नया टोला स्थित जमा मस्जिद के पास के एसबीआई एटीएम का है. खलीलपुरा निवासी मोहम्मद इदरीश के पुत्र मोहम्मद आरिफ ने फुलवारी शरीफ थाना में आवेदन देकर बताया कि 19 फरवरी की सुबह 9:30 बजे वह एटीएम से पैसे निकालने गया था.
कार्ड मशीन में फंस गया. वहां लिखे हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने पर उसे कहा गया कि टमटम पड़ाव स्थित एसबीआई एटीएम से गार्ड को बुलाकर लाएं, वह कार्ड निकाल देगा. जब वह गार्ड को लाने गया और वापस लौटा तो उसकी बहन सबा आफरीन के खाते से 99 हजार रुपये की निकासी हो चुकी थी.
सबा आफरीन का खाता संख्या 44659612677 बताया गया है.
पहले भी सामने आ चुका है मामला.
गौरतलब है कि इससे पहले भी टमटम पड़ाव एटीएम में इसी तरह का मामला सामने आ चुका है. बावजूद इसके बैंक प्रबंधन और पुलिस प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाए हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि एटीएम के अंदर कोई शातिर कैसे अपना मोबाइल नंबर हेल्पलाइन के नाम पर लिख देता है. एटीएम में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है, फिर भी आरोपी की पहचान क्यों नहीं हो रही है. एटीएम में गार्ड की स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं है.
लगातार हो रही घटनाओं से स्थानीय लोगों में भारी रोष है. लोगों का आरोप है कि बैंक और पुलिस दोनों की लापरवाही के कारण आम जनता की गाढ़ी कमाई लुट रही है.
फुलवारी शरीफ थाना पुलिस ने आवेदन लेकर जांच शुरू करने की बात कही है. हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.
इधर विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक कभी भी फोन पर पिन नंबर नहीं मांगता है. किसी भी स्थिति में अपना पिन, ओटीपी या कार्ड डिटेल साझा नहीं करना चाहिए.
फिलहाल क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग एटीएम इस्तेमाल करने से भी डर रहे हैं. अब देखना होगा कि पुलिस इस शातिर गिरोह तक कब पहुंचती है.



