भूकंप से बचें” ने दिया आपदा से सुरक्षा का संदेश
फुलवारी शरीफ. सर्वमंगला सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में साप्ताहिक नुक्कड़ नाटक श्रृंखला के तहत वाल्मी परिसर में “भूकंप से बचें” नाटक की प्रभावशाली प्रस्तुति की गई.
महेश चौधरी द्वारा लिखित एवं मिथिलेश कुमार पांडे के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक ने दर्शकों को भूकंप से बचाव के प्रति जागरूक किया.
नाटक की शुरुआत करण कुमार के स्वरबद्ध गीत “हिलता बिहार-नेपाल, भूकंप बार-बार आवता भईया…” से हुई, जिसने शुरुआत में ही गंभीर माहौल बना दिया.
प्रस्तुति के माध्यम से भूकंप से पहले, दौरान और बाद में बरती जाने वाली सावधानियों को सरल भाषा में समझाया गया.
नाटक में बताया गया कि भूकंप से पहले भूकंपरोधी भवन का निर्माण, सुरक्षित स्थानों की पहचान, अलमारियों को दीवार से कसकर बांधना और भारी व शीशे के सामान को ऊंचाई पर न रखने जैसी सावधानियां जरूरी हैं.
“झुको, ढको और पकड़ो” का अभ्यास नियमित रूप से करने पर भी विशेष जोर दिया गया.
भूकंप के दौरान कमरे के अंदरूनी कोने में रहने, गिरने वाली वस्तुओं से दूरी बनाने, सिर को सुरक्षित रखने और निकास द्वार के पास होने पर खुले स्थान में निकलने की सलाह दी गई.
कमजोर मकान में तुरंत बाहर निकलने और मजबूत मकान में सुरक्षित स्थान पर बने रहने का संदेश भी दिया गया.
भूकंप के बाद बिजली के खंभों, पेड़ों और विज्ञापन बोर्डों से दूर रहने, गैस सिलेंडर व मेन स्विच बंद करने, लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का उपयोग करने की अपील की गई.
साथ ही भविष्य में भूकंपरोधी मकानों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया.
नाटक में महेश चौधरी, मिथिलेश कुमार पांडे, करण कुमार, अंजनी कुमार वर्मा, अंकित कुमार, देवदर्शन, सुरेंद्र प्रसाद, कृष्ण प्रसाद सिंह एवं मो. शोएब कुरैशी ने सशक्त अभिनय किया.



