नशा कारोबार का भंडाफोड़, स्मैक और नशे के इंजेक्शन के साथ दो गिरफ्तार
फुलवारी शरीफ: रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए दो युवकों को स्मैक और नशे के इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई इलाके में नशे की बिक्री को लेकर मिल रही लगातार सूचनाओं के आधार पर की गई.
थाना अध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिल रही थी कि रामकृष्णानगर इलाके में स्मैक और नशे के इंजेक्शन की खुलेआम बिक्री की जा रही है. 15 जनवरी की देर रात पुलिस टीम ने छापेमारी कर दो संदिग्ध युवकों को पकड़ लिया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भूतनाथ बहादुरपुर हाउसिंग कॉलनी निवासी बमबम कुमार और पूर्वी लोहानीपुर, राजेन्द्र नगर निवासी सोनू कुमार के रूप में की गई है. तलाशी के दौरान दोनों के पास से भारी मात्रा में नशे का सामान बरामद किया गया.
पुलिस ने आरोपियों के पास से 02 एमएल के 44 पीस नशा करने वाले इंजेक्शन, 02 एमएल के 59 पीस नशा करने वाले इंजेक्शन, एक आईफोन मोबाइल और एक हीरो मोटरसाइकिल बरामद की है. बरामद मोटरसाइकिल का इस्तेमाल नशे के कारोबार में किया जाता रहा है.
रामकृष्णानगर में कोडीन सिरप तस्करी का खुलासा, एक गिरफ्तार
दो गोदामों से 10 हजार से अधिक बोतल अवैध कफ सिरप बरामद
फुलवारी शरीफ: रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध नशा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी का खुलासा किया है. इस कार्रवाई में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जिसकी निशानदेही पर दो गोदामों से भारी मात्रा में अवैध कफ सिरप बरामद की गई है.
थाना अध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस को बीते कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि रामकृष्णानगर इलाके में अवैध रूप से कोडीन युक्त कफ सिरप की बिक्री और भंडारण किया जा रहा है. 16 जनवरी को एक व्यक्ति को अवैध कफ सिरप के साथ पकड़ा गया.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र स्थित गोरदा गांव निवासी सिन्दू कुमार के रूप में की गई है.पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने दो अलग-अलग गोदामों में छापेमारी की, जहां बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किया गया.
छापेमारी के दौरान कुल 100 एमएल की 10,270 बोतल कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद की गई, जिसकी कुल मात्रा 1,027 लीटर बताई जा रही है.पुलिस का मानना है कि यह खेप अवैध नशा कारोबार के लिए संग्रहित की गई थी और इसकी आपूर्ति पटना सहित अन्य इलाकों में की जानी थी.



