छह साल के नन्हे रोजेदार ने रखा पहला रोजा, मोहल्ले में बनी मिसाल
फुलवारी शरीफ.
पवित्र माह रमजान के आगमन के साथ जहां बड़े बुजुर्ग इबादत में मशगूल हैं, वहीं छोटे-छोटे बच्चे भी रोजा रखकर दीन के प्रति अपना लगाव दिखा रहे हैं. फुलवारी शरीफ के हारून नगर सेक्टर 2 निवासी मोहम्मद हम्माद हुसैन ने महज छह साल की उम्र में अपना पहला रोजा रखकर परिवार और मोहल्ले का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया.
इतनी कम उम्र में पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर रोजा रखना काबिले तारीफ माना जा रहा है. हम्माद हुसैन ने पूरे एहतराम और खुशी के साथ अल्लाह की इबादत के लिए रोजा रखा. शाम को अफ्तार के वक्त परिवार के लोगों ने उनके जज्बे की सराहना की और दुआओं से नवाजा.
बच्चे की अम्मी फरहा अरजामंद ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके बेटे ने अल्लाह की रजा के लिए रोजा रखा, यह उनके लिए बेहद गर्व का पल है. उन्होंने कहा कि अगर बच्चों को बचपन से ही रोजा और इबादत की आदत डाली जाए तो उनमें दीन के प्रति लगाव मजबूत होता है.
वहीं अब्बाजान मोहम्मद आफताब हुसैन ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में बेटे का यह जज्बा परिवार के लिए खुशी और फख्र की बात है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी वह इसी तरह दीन की राह पर चलता रहेगा.
आज के दौर में जहां बच्चे खेलकूद और मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, वहीं छह साल के हम्माद हुसैन ने रोजा रखकर यह साबित कर दिया कि अगर तरबियत अच्छी हो तो कम उम्र में भी बड़े काम किए जा सकते हैं. रमजान के इस पाक महीने में ऐसे नन्हे रोजेदार समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं और लोगों को दीन की अहमियत का एहसास करा रहे हैं.



