BiharCrimeENTERTAINMENTFoodsHEALTHLife StyleNationalPatnaTravelरोजगार

एम्स पटना में थायरॉइड जागरूकता शिविर का आयोजन

समय पर जांच से टल सकती हैं गंभीर जटिलताएं

फुलवारी शरीफ.

एम्स पटना के नाभिकीय चिकित्सा (न्यूक्लियर मेडिसिन) विभाग द्वारा पूरे जनवरी माह में थायरॉइड जागरूकता अभियान चलाया गया. इसी क्रम में शनिवार 31 जनवरी 2026 को एम्स पटना के ओपीडी फोयर में थायरॉइड जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगे.) डॉ. राजू अग्रवाल के नेतृत्व में संपन्न हुआ.
इस अवसर पर प्रो. (ब्रिगे.) डॉ. राजू अग्रवाल ने थायरॉइड से जुड़ी बीमारियों के लक्षण, समय पर जांच और उचित इलाज की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि थायरॉइड हार्मोन में असंतुलन कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है. विशेष रूप से गर्भावस्था के दौरान थायरॉइड की अनदेखी से मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है. उन्होंने बताया कि गर्भावस्था में थायरॉइड असंतुलन से शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है, इसलिए नियमित जांच बेहद जरूरी है.
शिविर के दौरान नर्सिंग महाविद्यालय, एम्स पटना की छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आम लोगों को थायरॉइड के लक्षण, पहचान और उपचार के प्रति जागरूक किया. नुक्कड़ नाटक के जरिए यह संदेश दिया गया कि शुरुआती जांच और सही इलाज से थायरॉइड को नियंत्रित किया जा सकता है.
नाभिकीय चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं थायरॉइड क्लिनिक के प्रभारी डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि थायरॉइड विकार मुख्य रूप से हाइपोथायरॉइडिज्म और हाइपरथायरॉइडिज्म के रूप में पाए जाते हैं. इसके अलावा थायरॉइडाइटिस, बच्चों में जन्मजात थायरॉइड विकार, महिलाओं में बांझपन और थायरॉइड कैंसर की भी समय पर जांच और इलाज जरूरी है. उन्होंने कहा कि नाभिकीय चिकित्सा विभाग में थायरॉइड स्कैन के माध्यम से सटीक जांच और प्रभावी उपचार संभव है.

इस मौके पर प्रो. (डॉ.) ज्योति प्रकाश, रजिस्ट्रार एवं विभागाध्यक्ष सामान्य औषधि, प्रो. (डॉ.) रविकीर्ति, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) अमित राज, डीन रिसर्च प्रो. (डॉ.) संजय पांडेय, पीएमआर विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) संजय पांडेय, फिजियोलॉजी विभाग से प्रो. (डॉ.) योगेश कुमार, रेडियोथेरेपी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) प्रीतांजली सिंह, रेडियोलॉजी विभाग से डॉ. नीलश मणि, डॉ. उपासना सिन्हा, डॉ. लक्ष्मी सिन्हा, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. शशिकांत सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे.
इसके अलावा विभाग के आरएसओ मनीष कुमार, नर्सिंग अधिकारी रौनक, नर्सिंग कॉलेज के अल्बर्ट सहित अन्य स्टाफ और छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में शामिल रहे.

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button