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एनडीए और उसके घटक दलों के लिए इमारत-ए-शरिया के दरवाज़े पूरी तरह बंद

बिहार, झारखंड और ओडिशा से मुसलमान, हिंदू, सिख, ईसाई, जैन सहित सभी धर्मों के लोग गांधी मैदान में करेंगे बड़ी जनसभा

फुलवारी शरीफ से अजीत यादव कि रिपोर्ट

फुलवारी शरीफ। रविवार को बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल के मुसलमानों की सबसे बड़ी प्रतिनिधि संस्था इमारत-ए-शरिया के तत्वावधान मे फुलवारी शरीफ स्थित अल-महद भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस मे इमारत-ए-शरिया के नाज़िम मौलाना सईदुर्रहमान कासमी ने कहा कि निकट भविष्य में पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा. इस कार्यक्रम में बिहार, झारखंड और ओडिशा के मुसलमानों के साथ-साथ हिंदू, सिख, ईसाई, जैन व अन्य धर्मों के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र सरकार की जनविरोधी एवं अमेरिका-परस्त नीतियों, तथा एनडीए के उन घटक दलों का विरोध करना है जिन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक में केंद्र सरकार का समर्थन किया। मौलाना कासमी ने यह भी स्पष्ट किया कि इमारत-ए-शरिया के नाम, बैनर, पदों, दस्तावेज़ों व अन्य संसाधनों का दुरुपयोग कर जनता को भ्रमित करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग समानांतर इमारत-ए-शरिया चलाने का दावा कर रहे हैं, जो न सिर्फ संगठन की छवि को धूमिल करता है बल्कि समुदाय को गुमराह करने का प्रयास भी है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि अमीर-ए-शरिया हज़रत मौलाना वली अहमद अली फैसल रहमानी विधिवत निर्वाचित होकर इस पद पर बने हुए हैं. आज आयोजित अरबाबे हल-ओ-अकद की बैठक में उन्हें एक बार फिर सर्वसम्मति से समर्थन दिया गया। इमारत-ए-शरिया की इस बैठक में बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल से आए सैकड़ों प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि जो व्यक्ति संगठन के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संगठन ने स्पष्ट किया कि एनडीए या उसके किसी घटक दल से इमारत-ए-शरिया का कोई संबंध नहीं है और अब उसके लिए दरवाज़े पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं.

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